Vitamin E tablet uses in Hindi | गोली से लेकर चेहरे तक: विटामिन E के बारे में आप नहीं जानते वो पूरी सच्चाई
एक सहेली ने हाल ही में बताया — "Evion 400 गोली काटकर चेहरे पर लगाने से त्वचा चमकने लगती है, यह YouTube पर देखा, किया भी। चेहरा तेल जैसा चिपचिपा हो गया और मुंहासे आ गए।" यह बहुत आम सुना जाने वाला अनुभव है।
विटामिन E सच में एक बहुत असरदार पोषक तत्व है। त्वचा, बाल, दिल, दिमाग — सबके लिए कई फायदे हैं। लेकिन हर त्वचा पर एक ही तरीका काम नहीं करता। गोली के तौर पर खाने और बाहर लगाने के अलग-अलग नियम हैं।
यह लेख विटामिन E के बारे में स्पष्ट वैज्ञानिक जानकारी देगा। सही तरीका और गलत तरीका क्या है, यह ईमानदारी से बताएगा।
विटामिन E क्या है? इसकी वैज्ञानिक पृष्ठभूमि
विटामिन E कोई एक मॉलिक्यूल नहीं है। यह आठ तरह के यौगिकों का समूह है। चार टोकोफेरॉल्स (Tocopherols) और चार टोकोट्रिएनॉल्स (Tocotrienols)। इनमें अल्फा-टोकोफेरॉल (Alpha-Tocopherol) शरीर द्वारा सबसे आसानी से अवशोषित होने वाला रूप है। बाजार में मिलने वाली ज्यादातर गोलियों में यही होता है।
यह फैट-सॉल्युबल (Fat-Soluble) विटामिन है। यानी वसा में घुलने वाला। पानी में नहीं घुलता। इसलिए शरीर में वसा के टिश्यूज़ और लिवर में जमा होता है।
विटामिन C पानी में घुलता है इसलिए ज्यादा लेने पर पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है। लेकिन विटामिन E ऐसा नहीं है। शरीर में बना रहता है। इसलिए ज्यादा मात्रा में लेने पर विषाक्तता हो सकती है।
कोशिका की दीवारों में यह एक महत्वपूर्ण काम करता है। कोशिका की बाहरी दीवार (Cell Membrane) वसा से बनी होती है। फ्री रेडिकल्स उस वसा की दीवार को ऑक्सीडाइज़ करने की कोशिश करते हैं। अल्फा-टोकोफेरॉल वहां मौजूद रहकर अपना इलेक्ट्रॉन देकर फ्री रेडिकल को निष्क्रिय करता है। कोशिका की दीवार को नुकसान नहीं पहुंचता।
त्वचा के लिए विटामिन E क्या करता है?
अंदर से काम करते समय
गोली के तौर पर खाएं तो यह खून के बहाव में मिलकर त्वचा तक पहुंचता है। वहां कोलाजन के उत्पादन को बेहतर बनाता है। कोलाजन त्वचा की कसावट और लचीलापन देने वाला प्रोटीन है। यह कम हो तो झुर्रियां आती हैं।
UV किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान को विटामिन E कम करता है। इसे सन डैमेज (Sun Damage) कहते हैं। काले धब्बे पड़ना, पिग्मेंटेशन बढ़ना — ये फ्री रेडिकल्स की वजह से होते हैं। विटामिन E इन फ्री रेडिकल्स को रोकता है।
एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा की बीमारियों में सूजन की अहम भूमिका होती है। विटामिन E इस सूजन को थोड़ा कम करता है। रूखी त्वचा वालों के लिए त्वचा की नमी बनाए रखता है।
बाहर लगाते समय
यहां एक महत्वपूर्ण फर्क समझना जरूरी है। विटामिन E का तेल बहुत गाढ़ा होता है। यह त्वचा के रोम छिद्रों (Pores) में घुसना मुश्किल होता है।
रूखी त्वचा वालों के लिए यह कुछ हद तक मदद करता है। नमी की कमी पूरी करके लगाने पर त्वचा मुलायम होती है।
लेकिन तैलीय त्वचा (Oily Skin) वालों और मुंहासे होने की संभावना वाली त्वचा (Acne-Prone Skin) वालों को सीधे नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि यह तेल रोम छिद्रों को बंद कर देता है। कॉमेडोन्स (Comedones) नाम की रुकावटें बनती हैं। मुंहासे आ जाते हैं।
एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर रात के समय सीरम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। एलोवेरा पतली बनावट का होता है, यह विटामिन E के तेल को पतला कर देता है। यह रूखी त्वचा के लिए अच्छा मिश्रण है।
बालों के लिए विटामिन E कैसे मदद करता है?
स्कैल्प (Scalp) में फ्री रेडिकल का असर बालों की जड़ों को कमजोर करता है। विटामिन E इसे रोकता है।
बालों की जड़ों में रक्त प्रवाह बढ़े तो बालों तक ज्यादा पोषण पहुंचता है। बढ़त नियमित होती है। झड़ना कम होता है। विटामिन E रक्त प्रवाह को थोड़ा बेहतर बनाता है।
बालों के दोमुंहे होने (Split Ends) को रोकने में भी विटामिन E थोड़ी मदद करता है। गोली से तेल निकालकर सिर्फ बालों के सिरों पर लगाया जा सकता है। पूरे सिर पर न लगाएं, बहुत गाढ़ा और चिपचिपा हो जाएगा।
डैंड्रफ (Dandruff) कभी-कभी स्कैल्प की रूखेपन से होता है। विटामिन E स्कैल्प की नमी बनाए रखता है। लेकिन डैंड्रफ फंगस की वजह से हो तो सिर्फ विटामिन E समाधान नहीं होगा।
दिल और दिमाग के लिए विटामिन E कैसे मदद करता है?
दिल की सुरक्षा
LDL कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीडाइज़ होना दिल के दौरे की एक मुख्य वजह है। ऑक्सीडाइज़्ड LDL रक्त वाहिकाओं में जमता है, एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) नाम की स्थिति बनती है, रुकावट आती है। विटामिन E LDL के ऑक्सीडेशन को रोकता है।
रक्त वाहिकाओं के लचीलेपन (Elasticity) को बेहतर बनाता है। ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में मदद करता है।
प्लेटलेट्स (Platelets) आपस में चिपककर अनचाहे खून के थक्के (Blood Clots) बनने से विटामिन E थोड़ा रोकता है। इसीलिए सर्जरी से पहले विटामिन E बंद करना चाहिए, ऐसा डॉक्टर कहते हैं।
लेकिन एक महत्वपूर्ण बात — वारफारिन, एस्पिरिन जैसी ब्लड थिनर दवाएं लेने वालों में विटामिन E जोड़ने पर खून बहुत पतला हो सकता है। शरीर के अंदर खून बहने का खतरा हो सकता है। इन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना विटामिन E नहीं लेना चाहिए।
दिमाग की सेहत
नर्व कोशिकाएं (Neurons) भी फ्री रेडिकल के नुकसान की चपेट में आती हैं। उम्र बढ़ने पर यह नुकसान बढ़ता है। अल्जाइमर रोग (Alzheimer's Disease) में दिमाग में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस ज्यादा होता है। विटामिन E इस ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, ऐसा कुछ शोध बताते हैं।
लेकिन सिर्फ विटामिन E अल्जाइमर को रोक देगा, ऐसा नतीजा नहीं निकाला जा सकता। यह सिर्फ एक संभावित सहायक कारक है।
हाथ-पैर कांपने और मांसपेशियों की कमजोरी में भी नर्व की सेहत महत्वपूर्ण है। विटामिन E नर्व कोशिकाओं की सुरक्षा में भूमिका निभाता है।
आंखों के लिए विटामिन E क्या करता है?
मोतियाबिंद (Cataract) आंख के लेंस का धुंधला होना है। इसकी भी एक वजह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस है। विटामिन E, C, और बीटा-कैरोटीन मिलकर मोतियाबिंद रोकने में मदद करते हैं, यह AREDS नाम के एक बड़े अध्ययन ने बताया है।
मैक्युलर डिजनरेशन (Macular Degeneration) रेटिना के मध्य भाग (Macula) के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति है। यह उम्र बढ़ने पर होने वाली एक बहुत महत्वपूर्ण आंखों की बीमारी है। इसमें भी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की भूमिका है। विटामिन E इस नुकसान को कम करता है, ऐसा शोध कहते हैं।
सही मात्रा और लेने का तरीका
RDA यानी रोज की सुझाई गई मात्रा 15mg या 22.4 IU है। यह खाने से ही मिल सकती है।
चिकित्सकीय कमी के लिए 200 IU से 400 IU तक डॉक्टर सुझा सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात — 1000 IU से ज्यादा कभी न लें। इससे हाइपरविटामिनोसिस E (Hypervitaminosis E) नाम की स्थिति बन सकती है।
वसा में घुलने वाला विटामिन होने की वजह से खाने के साथ लेना चाहिए। थोड़े मेवे खाकर गोली लें। या दोपहर के खाने के बाद लें। खाली पेट लेने पर अवशोषण कम होता है।
सौंदर्य संबंधी इस्तेमाल के लिए गोली काटकर एलोवेरा जेल में मिलाकर रात को लगा सकते हैं। गर्मियों में सुबह के समय न लगाएं, धूप में तेल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
ज्यादा मात्रा में लेने पर क्या होगा?
बहुत लोग सोचते हैं "प्राकृतिक विटामिन ही तो है, ज्यादा खाने से क्या होगा"। लेकिन फैट-सॉल्युबल विटामिन शरीर में जमा होते हैं। बाहर नहीं निकलते।
ज्यादा मात्रा में विटामिन E लेने पर सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना हो सकता है। दस्त, मितली हो सकती है। लिवर में धीरे-धीरे विषाक्तता जमा हो सकती है।
बहुत ज्यादा मात्रा में (1000 IU से ज्यादा) लंबे समय तक लेने पर खून बहने का खतरा बढ़ जाता है। स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है, ऐसा कुछ शोध चेतावनी देते हैं।
कीमोथेरेपी ले रहे लोगों को सावधान रहना चाहिए। कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए फ्री रेडिकल्स का इस्तेमाल करने वाली कुछ इलाज विधियों में विटामिन E मिलाने से वे फ्री रेडिकल्स निष्क्रिय हो जाते हैं। इलाज का असर कम हो जाता है।
खाने से ही पाना सबसे बेहतर है
बादाम विटामिन E का एक बेहतरीन स्रोत है। 28 ग्राम बादाम में लगभग 7.3mg विटामिन E होता है। यानी RDA का लगभग 50 प्रतिशत।
सूरजमुखी के बीजों में 28 ग्राम में 7.4mg होता है। एक कप मूंगफली के तेल में 4mg होता है।
पालक, ब्रोकली में भी होता है। एवोकाडो में भी अच्छी मात्रा होती है।
व्हीट जर्म ऑयल (Wheat Germ Oil) विटामिन E का सबसे ज्यादा संकेंद्रित स्रोत है। एक चम्मच में 20mg से ज्यादा होता है। पास्ता और ब्रेड खाने वालों को साबुत गेहूं चुनने पर प्राकृतिक रूप से मिल जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Evion 400 गोली बिना डॉक्टर की पर्ची के खा सकते हैं? सौंदर्य कारणों के लिए बाहर लगाना अलग बात है। गोली के तौर पर खाना अलग बात है। खाने से पहले डॉक्टर से पूछें। खासकर ब्लड थिनर लेने वालों, कैंसर के इलाज में होने वालों को जरूर डॉक्टर को बताना चाहिए।
रोज चेहरे पर लगा सकते हैं? तैलीय त्वचा वालों को नहीं। रूखी त्वचा वाले हफ्ते में दो बार रात को लगा सकते हैं।
बालों की बढ़त के लिए कितने दिन लगेगा? खानपान में बदलाव और स्कैल्प की सफाई के साथ मिलाएं तो 4 से 8 हफ्तों में फर्क दिखेगा।
अंत में एक संतुलित बात
विटामिन E सच में शरीर के लिए जरूरी एक पोषक तत्व है। त्वचा, बाल, दिल, दिमाग, आंखें — कई आयामों में मदद करता है।
लेकिन "प्राकृतिक विटामिन ही तो है" कहकर बिना सीमा के न लें। फैट-सॉल्युबल होने की वजह से यह शरीर में जमा होता है। ज्यादा हो तो विषैला हो जाता है। ब्लड थिनर लेने वालों के लिए खतरनाक मिश्रण है।
रोज के खाने में बादाम, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें तो गोली की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। गोली की जरूरत पड़े तो डॉक्टर से पूछें। सही मात्रा में, सही समय पर लेने पर विटामिन E सच में शरीर की रक्षा करेगा।
References:
https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminE-HealthProfessional/ https://www.nccih.nih.gov/health/antioxidant-supplements-what-you-need-to-know https://www.nei.nih.gov/eye-health-information/clinical-trials/age-related-eye-disease-studies-aredsareds2/about-areds-and-areds2

