Vitamin B12 tablet uses in Hindi | हमेशा थकान रहती है? विटामिन B12 की कमी आपको पता भी नहीं होगी की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण
सुंदरम पिछले छह महीनों से एक बात से परेशान हैं। उम्र सिर्फ 38 साल है, लेकिन ऑफिस में कम्प्यूटर के सामने दो घंटे बैठते ही दिमाग काम करना बंद कर देता है। छोटी-छोटी बातें भूल जाती हैं। हाथों में सुइयाँ चुभने जैसा एहसास होता है। रोज़ सात घंटे सोने के बाद भी सुबह थका-थका उठते हैं।
जाँच कराई। शुगर नहीं, ब्लड प्रेशर नहीं, थायरॉइड नहीं। लेकिन Serum B12 की जाँच में स्तर बहुत कम निकला। वजह समझ आ गई। सुंदरम कट्टर शाकाहारी हैं। पंद्रह साल से कोई मांसाहार नहीं खाया। B12 पेड़-पौधों के खाने में नहीं होता — यह उन्हें पता नहीं था।
यह कहानी सिर्फ सुंदरम की नहीं है। भारत में करोड़ों शाकाहारियों को B12 की कमी है, और बहुतों को इसका पता ही नहीं।
विटामिन B12 क्या है और इतना ज़रूरी क्यों है?
कोबालामिन नाम से जाना जाने वाला यह विटामिन पानी में घुलने वाला है। शरीर इसे खुद नहीं बना सकता — सिर्फ खाने से मिलता है। लाल रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए, DNA के सही काम के लिए, और नसों के चारों तरफ की मायलिन परत को बनाए रखने के लिए यह ज़रूरी है।
मायलिन परत नसों के लिए एक इन्सुलेशन की तरह काम करती है। यह परत ठीक हो तो नसें तेज़ और सही तरीके से संकेत भेजती हैं। B12 कम हो तो यह परत धीरे-धीरे टूटने लगती है। इसीलिए हाथ-पैरों में सुइयाँ चुभने जैसा एहसास होता है, याददाश्त कमज़ोर होती है और दिमाग सुस्त लगता है।
किन्हें B12 की कमी ज़्यादा होती है?
शाकाहारियों को तो बताया ही। लेकिन बस वही नहीं। डायबिटीज़ के लिए Metformin लेने वालों में B12 अवशोषित होने की क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है। यह बात बहुत लोगों को पता नहीं है। सालों तक Metformin खाते रहें और B12 की जाँच न कराएं तो कमी बिना बताए बढ़ती रहती है।
बुज़ुर्गों में भी B12 अवशोषण कमज़ोर हो जाता है। पेट में एक खास प्रोटीन बनता है जो B12 को अवशोषित करने में मदद करता है। उम्र बढ़ने पर यह प्रोटीन कम होता जाता है। इसलिए सही खाना खाने के बाद भी B12 नहीं मिलता।
लंबे समय से पेट की समस्या वाले लोगों और कुछ मिर्गी की दवाइयाँ लेने वालों में भी B12 की कमी हो सकती है।
लक्षण कैसे दिखते हैं?
इस कमी की चालाकी यह है कि लक्षण धीरे-धीरे आते हैं। थकान, कमज़ोरी — इन्हें सब सामान्य समझ लेते हैं।
हाथ-पैरों में सुइयाँ चुभना, सुन्नपन — यह नस के प्रभावित होने की शुरुआत है। चलते वक्त संतुलन बिगड़ना, याद रखी हुई बातें अचानक भूल जाना, पढ़ते-पढ़ते कुछ समझ न आना — यह सब B12 की कमी के संकेत हो सकते हैं।
जीभ पर छाले, मुँह में दर्द, त्वचा का पीला पड़ना भी हो सकता है। डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन B12 की कमी से आ सकते हैं — यह सुनकर बहुतों को हैरानी होती है।
टैबलेट कौन सी बेहतर है?
दवाई की दुकान पर B12 की साधारण गोली मिलती है। लेकिन Sublingual टैबलेट नाम की एक किस्म होती है। इसे जीभ के नीचे रखकर घुलने देना होता है, निगलना नहीं पड़ता। इस तरह B12 सीधे खून में मिलता है, पेट के रास्ते से नहीं।
इसका महत्व यह है कि कुछ लोगों में पेट में B12 का अवशोषण कमज़ोर होता है। उनके लिए साधारण गोली खाने से भी फायदा कम होता है। Sublingual या इंजेक्शन में यह समस्या नहीं आती।
जिनमें कमी बहुत ज़्यादा हो उन्हें डॉक्टर इंजेक्शन की सलाह देते हैं। इंजेक्शन से B12 तेज़ी से शरीर में पहुँचता है।
सही मात्रा कितनी है?
Serum B12 की जाँच देखकर डॉक्टर मात्रा तय करते हैं। आमतौर पर 500mcg से 1500mcg तक दी जाती है। जिन्हें कमी नहीं है वे ज़्यादा लें तो कोई खास फायदा नहीं — शरीर अतिरिक्त को बाहर निकाल देता है। इसलिए जाँच करवाकर डॉक्टर की बताई मात्रा ही लें।
फायदे क्या हैं?
B12 सही मात्रा में मिले तो थकान कम होती है, चुस्ती लौटती है। याददाश्त बेहतर होती है। नसों में सुइयाँ चुभने जैसा एहसास धीरे-धीरे कम होता है। मन बेहतर रहता है, तनाव कम होता है।
हड्डियों की सेहत के लिए भी B12 ज़रूरी है। Osteoporosis से बचने के लिए सिर्फ कैल्शियम और विटामिन D ही नहीं, B12 भी चाहिए — शोध बताते हैं।
किन बातों का ध्यान रखें?
Metformin लेने वाले हर साल B12 की जाँच ज़रूर कराएं। डॉक्टर हमेशा खुद नहीं बताते — आप माँगकर करवाएं।
मल्टीविटामिन टैबलेट लेने वाले देखें कि उनमें B12 कितनी मात्रा में है। ज़रूरत से ज़्यादा लेने से नुकसान नहीं, लेकिन बेवजह लेना भी सही नहीं।
साइड इफेक्ट्स
B12 की गोलियों से आमतौर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। बहुत कम मामलों में जी मिचलाना या सिरदर्द हो सकता है। त्वचा पर खुजली हो तो कोबाल्ट से एलर्जी हो सकती है — डॉक्टर को बताएं।
किन्हें सावधान रहना चाहिए?
Leber's disease नाम की एक दुर्लभ आँख की नस की बीमारी वाले लोगों को ज़्यादा B12 नुकसान कर सकती है। गंभीर किडनी की समस्या वाले डॉक्टर से पूछकर ही लें।
अंत में
सुंदरम ने तीन महीने B12 की गोली ली। थकान कम हुई, हाथ की सुइयाँ चुभने वाला एहसास गया, ऑफिस में ध्यान लगाना आसान हो गया। एक छोटी जाँच में मिली एक छोटी कमी, एक छोटी गोली से ठीक हो गई।
विटामिन B12 की कमी बिना दिखे रहने वाली समस्या है। लक्षण साफ नहीं होते। शाकाहारी हों, Metformin लेते हों, या उम्रदराज़ हों — एक बार Serum B12 की जाँच ज़रूर कराएं। पहले पता चले तो ठीक करना आसान होता है।
References:
https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminB12-HealthProfessional/
https://medlineplus.gov/ency/article/000574.htm
https://www.nhlbi.nih.gov/health/anemia/vitamin-b12-deficiency-anemia

