Terbinafine 250mg tablet uses in Hindi | टर्बिनाफाइन 250mg की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण
छह महीने से जांघ के बीच खुजली थी। क्रीम लगाने पर कम होती, छोड़ने पर वापस आ जाती। मेडिकल स्टोर से दूसरी क्रीम ली, थोड़ा आराम मिला, फिर वही हाल। आखिरकार डर्मेटोलॉजिस्ट के पास गए। उन्होंने कहा — "सिर्फ क्रीम से काम नहीं चलेगा, अंदर से खत्म करना होगा।" Terbinafine टैबलेट लिखी। दो हफ्ते में ठीक हो गया।
यह बहुत आम कहानी है। ज़्यादातर लोग फंगल इंफेक्शन में सिर्फ बाहरी क्रीम लगाते हैं। वो सिर्फ ऊपरी परत को ठीक करती है। जड़ नहीं जाती। इसलिए बार-बार वापस आता है।
Terbinafine 250mg टैबलेट शरीर के अंदर से फंगस को जड़ से खत्म करती है। यह कैसे काम करती है, किसे चाहिए और क्या सावधानियां रखनी हैं — यही इस लेख में बताएंगे।
तमिलनाडु और गर्म इलाकों में फंगस इंफेक्शन इतना क्यों होता है?
फंगस को पनपने के लिए बस दो चीज़ें चाहिए — गर्मी और नमी। और गर्म-आर्द्र मौसम में यह दोनों भरपूर मिलती हैं।
पसीना ज़्यादा आने वाली जगहों पर — जांघ के बीच, बगल, पैर की उंगलियों के बीच — फंगस बहुत तेज़ी से बढ़ता है। टाइट कपड़े, Synthetic Fabric, और लंबे समय तक गीले जूते पहनना भी फंगस को पनपने का माहौल देते हैं।
देसी नुस्खे, पारंपरिक क्रीम और मेडिकल स्टोर से मांगकर ली गई Steroid मिली क्रीम से कभी-कभी इंफेक्शन कुछ देर के लिए कम होता लगता है। लेकिन Steroid क्रीम फंगस को खत्म नहीं करती। बल्कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देती है जिससे फंगस और ज़्यादा ताकत से बढ़ता है।
Terbinafine क्या है और कैसे काम करती है?
Terbinafine Allylamine वर्ग की Antifungal दवा है। यह फंगस की कोशिका की दीवार बनने से रोकती है।
फंगस की कोशिका की दीवार Ergosterol नाम के एक वसा से बनी होती है। इसे बनाने के लिए Squalene Epoxidase नाम का एक एंजाइम ज़रूरी होता है। Terbinafine इसी एंजाइम को रोक देती है।
एंजाइम रुकने पर Ergosterol नहीं बनता। साथ ही Squalene नाम का एक ज़हरीला पदार्थ फंगस की कोशिकाओं में जमा होने लगता है। इससे कोशिका की दीवार टूट जाती है और फंगस मर जाता है।
इसे Fungicidal कहते हैं यानी यह सिर्फ फंगस की बढ़त नहीं रोकती, उसे मारती है।
Keratin Affinity — इसकी खास खूबी
Terbinafine की सबसे अनोखी बात यह है कि यह त्वचा, बाल और नाखूनों में पाए जाने वाले Keratin प्रोटीन की तरफ खिंचती है।
एक टैबलेट खाने के कुछ घंटों के भीतर यह नाखून, त्वचा और बालों में जमा हो जाती है। दवा बंद करने के बाद भी हफ्तों तक इन ऊतकों में रहती है और फंगस को नष्ट करती रहती है।
इसीलिए नाखून के फंगस में 6 से 12 हफ्ते तक टैबलेट लेने के बाद भी नाखून पूरी तरह ठीक होने में महीने लगते हैं। दवा बंद होने के बाद भी नाखून में मौजूद दवा फंगस को खत्म करती रहती है।
Terbinafine टैबलेट किन्हें चाहिए?
नाखून के फंगस में
पैर के नाखून पीले पड़ गए हों, मोटे हो गए हों, टूट रहे हों — इसे Onychomycosis कहते हैं। ऐसे बहुत लोग हैं।
वेल्लोर के 48 साल के सुरेश के पैर के नाखून एक साल से मोटे और पीले हो रहे थे। नेल कटर भी नहीं जाता था। नेल पॉलिश से ढकते रहे। आखिरकार डॉक्टर के पास गए। Terbinafine 6 हफ्ते दी। तीन महीनों में नया स्वस्थ नाखून उगना शुरू हो गया।
नाखून के फंगस में बाहरी Nail Paint काफी नहीं होती। क्योंकि फंगस नाखून के नीचे से उगता है। वहां तक पहुंचने के लिए टैबलेट ज़रूरी है।
दाद यानी Ringworm में
Tinea Corporis यानी दाद शरीर पर गोल लाल चकत्ते की तरह आता है। बाहरी किनारा फैलता जाता है, बीच का हिस्सा ठीक हुआ लगता है। इसीलिए "गोल घेरा" जैसा दिखता है।
सिर्फ क्रीम लगाना अस्थायी राहत देता है। पुराने और ज़िद्दी दाद के लिए टैबलेट ज़रूरी है।
जांघ के बीच के फंगस में
Tinea Cruris यानी जांघ के बीच का फंगस गर्मियों में बहुत आम है। खुजली, लाल चकत्ते, जलन होती है। पसीने से भीगे कपड़े देर तक पहनना इसकी मुख्य वजह है।
छह महीने से एक साल तक क्रीम लगाते रहे और ठीक नहीं हुआ, तो टैबलेट की ज़रूरत है।
पैर की उंगलियों के बीच के फंगस में
Tinea Pedis यानी Athlete's Foot में पैर की उंगलियों के बीच की त्वचा सफेद पड़ जाती है, उखड़ती है, जलन होती है। लंबे समय तक जूते पहनने वालों और पानी के आसपास काम करने वालों को ज़्यादा होता है। यह दूसरी उंगलियों और नाखूनों तक फैल सकता है, इसलिए जल्दी ठीक करना ज़रूरी है।
सिर की त्वचा के फंगस में
Tinea Capitis सिर पर होता है। त्वचा पपड़ी-पपड़ी हो जाती है, उस जगह के बाल झड़ते हैं। बच्चों में ज़्यादा देखा जाता है। इसमें क्रीम काम नहीं करती क्योंकि बाल आड़े आ जाते हैं। टैबलेट ही इसका सही इलाज है।
इलाज कितने दिन चलता है?
यह इंफेक्शन की जगह और किस्म पर निर्भर करता है। दाद, जांघ और पैर की उंगलियों के बीच के फंगस में 2 से 4 हफ्ते काफी हैं। सिर के फंगस में 4 से 6 हफ्ते लग सकते हैं। हाथ के नाखून में 6 हफ्ते और पैर के नाखून में 12 हफ्ते तक इलाज चलता है।
सबसे ज़रूरी बात — जैसे ही बाहर से ठीक लगे, दवा बंद मत करें। खुजली जाती लगेगी, लालिमा कम होगी। लेकिन अंदर Spores छुपे हो सकते हैं।
बीच में दवा बंद की तो क्या होगा? फंगस उस दवा के खिलाफ Drug Resistance विकसित कर लेगा। अगली बार वही दवा काम नहीं करेगी। और भी महंगी और ताकतवर दवा की ज़रूरत पड़ेगी।
कैसे लें?
खाने के बाद लेना बेहतर है। खाली पेट भी ले सकते हैं लेकिन पेट की तकलीफ से बचने के लिए खाने के साथ लें।
शराब पीने वाले दिन दवा न लें। Terbinafine लिवर में प्रोसेस होती है। शराब भी लिवर पर बोझ डालती है। दोनों साथ हों तो लिवर एंजाइम बढ़ सकते हैं।
ज़्यादा चाय-कॉफी पीने वाले सावधान रहें। Terbinafine कैफीन के पाचन को प्रभावित करती है। कैफीन शरीर में देर तक रहती है। दिल घबराहट और नींद में खलल हो सकती है। चाय-कॉफी कम करें।
साइड इफेक्ट क्या हो सकते हैं?
स्वाद में बदलाव
यह Terbinafine का एक अनोखा साइड इफेक्ट है। खाना खाते वक्त स्वाद बदला-बदला लगेगा। कभी-कभी स्वाद ही नहीं आता जिसे Ageusia कहते हैं। दवा बंद होते ही यह ठीक हो जाता है, यह स्थायी नहीं है।
पेट की तकलीफ
मिचली, पेट दर्द, दस्त हो सकते हैं। खाने के साथ लेने पर कम होते हैं।
लिवर को नुकसान
यह बहुत कम होता है लेकिन लंबे समय तक लेने वाले LFT यानी Liver Function Test ज़रूर कराएं। आंखें पीली हों, पेशाब गहरा पीला हो या दाईं तरफ पेट में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
Stevens-Johnson Syndrome
यह बेहद दुर्लभ लेकिन गंभीर एलर्जी है। त्वचा पर फफोले पड़ें या आंखों में घाव हो तो तुरंत दवा बंद करें और अस्पताल जाएं।
किन्हें यह दवा नहीं लेनी चाहिए?
लिवर की बीमारी वाले न लें। Cirrhosis या Active Hepatitis हो तो बिल्कुल न लें। किडनी की समस्या वालों की खुराक कम करनी पड़ती है, डॉक्टर तय करेंगे।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इससे बचें। बेहद ज़रूरी होने पर ही डॉक्टर फैसला लेंगे। Lupus यानी SLE वाले सावधान रहें। कुछ शोध बताते हैं कि Terbinafine Lupus को बढ़ा सकती है। Autoimmune बीमारी हो तो डॉक्टर को ज़रूर बताएं।
टैबलेट के साथ क्रीम भी लगाएं तो जल्दी ठीक होगा
टैबलेट अकेले भी काफी है, लेकिन क्रीम साथ लगाएं तो ठीक होने की रफ्तार बढ़ जाती है। टैबलेट अंदर से काम करती है, क्रीम बाहर से। Clotrimazole या Miconazole क्रीम डॉक्टर सुझाएंगे। दवा चलने के दौरान क्रीम भी लगाते रहें।
जीवनशैली न बदली तो इंफेक्शन वापस आएगा
दवा ठीक कर देती है, लेकिन आदतें न बदलें तो फिर आ जाता है। सूती कपड़े पहनें। Synthetic Fabric पसीना नहीं सोखती, नमी रहती है। नहाने के बाद शरीर को पूरी तरह सुखाएं, खासकर जांघ के बीच और पैर की उंगलियों के बीच।
जूते-चप्पल बदल-बदलकर पहनें। एक ही जूता रोज़ पहनने से अंदर नमी जमा होती है। Public Shower, Swimming Pool जैसी जगहों पर चप्पल पहनें। नाखून साफ रखें। दूसरों का तौलिया और साबुन इस्तेमाल न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या क्रीम से काम चल सकता है? हल्के और शुरुआती इंफेक्शन में क्रीम काफी है। पुराने, फैले हुए और नाखून के फंगस में टैबलेट ज़रूरी है।
क्या यह Antibiotic है? नहीं। Antibiotic बैक्टीरिया मारती है। Terbinafine सिर्फ फंगस मारने वाली Antifungal दवा है।
खुजली कम नहीं हुई तो? 2 से 3 दिन में तुरंत बदलाव नहीं दिखेगा। एक हफ्ता इंतज़ार करें। खुजली बहुत तेज़ हो तो डॉक्टर Antihistamine भी साथ दे सकते हैं।
अंत में एक ज़रूरी बात
दाद, नाखून का फंगस, जांघ का फंगस — ये शर्मिंदगी की बात नहीं है। किसी को भी हो सकता है। गर्म मौसम में रहने वालों के लिए यह बेहद सामान्य है।
लेकिन खुद से इलाज मत करें। मेडिकल स्टोर से Steroid क्रीम मांगकर मत लें। Steroid फंगस को छुपाती है, मारती नहीं। और छुपा हुआ फंगस और ज़्यादा ताकतवर होकर बढ़ता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट के पास एक बार जाएं। सही पहचान, सही दवा और पूरा इलाज — यह तीनों हों तो फंगल इंफेक्शन पूरी तरह ठीक होता है। और जीवनशैली में बदलाव भी साथ हों तो दोबारा नहीं आएगा।
References
https://medlineplus.gov/druginfo/meds/a699061.html
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK548617/
https://www.mayoclinic.org/drugs-supplements/terbinafine-oral-route/description/drg-20066265

