Telmisartan Amlodipine tablet uses in Hindi | हाई ब्लड प्रेशर के लिए टेल्मिसार्टन अम्लोडिपिन: एक दवाई काफी न हो तो क्या करें?
"बेटा, डॉक्टर ने अब दो दवाइयाँ मिली हुई एक गोली दी है। टेल्मिसार्टन एक है, अम्लोडिपिन दूसरी। समझ नहीं आया, ज़रा देख तो" — गाँव से पिताजी का फोन आता है और ऐसा सुनने को मिलता है।
यह लेख उन्हीं पिताजी के लिए है, उनके बेटे के लिए है, और उन सबके लिए जो हाई ब्लड प्रेशर को समझना चाहते हैं।
एक दवाई काफी नहीं — ऐसा क्यों होता है?
शुरुआत में एक दवाई दी जाती है। लेकिन कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर एक दवाई से 140/90 से नीचे नहीं आता। उनके लिए दो अलग-अलग तरीकों से काम करने वाली दवाइयाँ मिलानी पड़ती हैं।
हाई ब्लड प्रेशर मतलब खून रक्त वाहिकाओं में ज़्यादा दबाव के साथ बहना। वाहिकाएं सिकुड़ी हों या दिल बहुत ज़ोर से धकेल रहा हो — दोनों से दबाव बढ़ता है। वाहिकाएं चौड़ी करना एक रास्ता है, दिल का बोझ कम करना दूसरा। दोनों एक साथ हों तो दबाव जल्दी काबू आता है। टेल्मिसार्टन और अम्लोडिपिन का कॉम्बिनेशन यही करता है।
ये दोनों दवाइयाँ क्या करती हैं?
टेल्मिसार्टन ARB वर्ग की दवाई है। शरीर में Angiotensin नाम का एक रसायन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है — इससे दबाव बढ़ता है। टेल्मिसार्टन इसी Angiotensin को रोकती है। वाहिकाएं चौड़ी होती हैं, खून आसानी से बहता है, दबाव कम होता है।
इसका एक अतिरिक्त फायदा भी है। डायबिटीज़ के मरीज़ों में किडनी धीरे-धीरे प्रभावित होती है। टेल्मिसार्टन उस नुकसान को कम करती है और किडनी पर खून के दबाव को काबू रखती है।
अम्लोडिपिन Calcium Channel Blocker वर्ग की दवाई है। रक्त वाहिकाओं की मांसपेशियों में कैल्शियम जाए तो वे सिकुड़ती हैं। अम्लोडिपिन कैल्शियम को जाने से रोकती है, मांसपेशियाँ ढीली होती हैं, वाहिकाएं चौड़ी होती हैं।
दोनों अलग-अलग रास्तों से काम करती हैं — इसीलिए एक की तुलना में दोनों मिलकर ज़्यादा असरदार हैं।
इस जोड़ी में एक चतुराई है
अम्लोडिपिन अकेले लेने पर कुछ लोगों के पैरों में — खासकर टखनों में — हल्की सूजन आ जाती है। यह एक जाना-माना साइड इफेक्ट है। लेकिन जब टेल्मिसार्टन साथ हो तो वह सूजन काफी कम हो जाती है।
एक दवाई के साइड इफेक्ट को दूसरी दवाई ठीक करे — यह इस कॉम्बिनेशन की समझदारी है। इसीलिए दोनों अलग-अलग देने की बजाय एक ही टैबलेट में देना व्यावहारिक रूप से ज़्यादा कारगर रहता है।
किन्हें यह कॉम्बिनेशन दिया जाता है?
जिनका ब्लड प्रेशर एक दवाई से काबू नहीं आया उनके लिए यह कॉम्बिनेशन दिया जाता है। डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर एक साथ हो तो टेल्मिसार्टन खासतौर पर उपयुक्त है — किडनी की रक्षा करती है।
जिन्हें पहले दिल का दौरा या लकवा हो चुका हो उनके लिए ब्लड प्रेशर काबू में रखना बहुत ज़रूरी है। यह दवाई इसे फिर होने से बचाने में मदद करती है।
दवाई कैसे लेनी चाहिए?
सुबह उठकर लेना अच्छा रहता है। ब्लड प्रेशर सुबह ज़्यादा होता है — उस वक्त दवाई काम करे तो पूरे दिन संतुलित रहता है। खाली पेट या खाने के साथ — दोनों तरह ले सकते हैं।
हर दिन एक ही समय पर लेना ज़रूरी है। भूल गए तो याद आते ही लें, लेकिन अगली खुराक का समय नज़दीक हो तो उसे छोड़ दें और अगले दिन सामान्य समय पर लें।
बैठे-बैठे उठने में धीरे उठें। जब ब्लड प्रेशर काबू आ रहा हो तो अचानक खड़े होने पर चक्कर आ सकता है।
एक ज़रूरी चेतावनी
गर्भवती महिलाओं के लिए यह दवाई बिल्कुल ठीक नहीं। टेल्मिसार्टन गर्भस्थ शिशु की किडनी के विकास को नुकसान पहुँचा सकती है। गर्भधारण की संभावना हो तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।
पोटेशियम ज़्यादा वाले खाने का ध्यान रखें। टेल्मिसार्टन खून में पोटेशियम बढ़ा सकती है। केला, टमाटर, आलू — इन्हें सीमित मात्रा में खाएं।
साइड इफेक्ट्स
टखनों में सूजन आ सकती है — खासकर तेज़ धूप में ज़्यादा चलने पर। शुरुआत में चक्कर हो सकते हैं। बहुत कम मामलों में सूखी खाँसी आ सकती है। ये गंभीर हों तो डॉक्टर को बताएं।
किन्हें यह नहीं दी जाती?
गंभीर लिवर की खराबी में नहीं दी जाती। किडनी की धमनी सिकुड़ी हो तो ख़तरनाक हो सकता है। दवाई के किसी तत्व से एलर्जी हो तो लेना बंद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ब्लड प्रेशर ठीक हो जाए तो बंद कर सकते हैं?
बिल्कुल नहीं — यह बहुत साफ जवाब है। ब्लड प्रेशर सामान्य है मतलब दवाई काम कर रही है। बंद करेंगे तो फिर बढ़ेगा। ज़िंदगी भर लेनी होगी।
क्या किडनी को नुकसान होगा?
नुकसान नहीं — बल्कि फायदा होगा। डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए यह एक अहम फायदा है।
क्या नमक कम करना ज़रूरी है?
हाँ, बहुत ज़रूरी। दवाई के साथ नमक कम करें तो असर दोगुना होगा।
अंत में
उन पिताजी से एक बात कहनी है। हाई ब्लड प्रेशर को "साइलेंट किलर" कहते हैं — दर्द नहीं होता, लक्षण दिखते नहीं, लेकिन अंदर ही अंदर दिल और किडनी प्रभावित होते रहते हैं। टेल्मिसार्टन अम्लोडिपिन कॉम्बिनेशन उस चुपचाप होने वाले नुकसान को रोकने वाली एक अच्छी दवाई है।
दवाई के साथ नमक कम खाना, रोज़ थोड़ा टहलना, तनाव काबू में रखना — यह सब साथ हो तो ब्लड प्रेशर सही रहेगा। दवाई अकेले काफी नहीं, जीवनशैली बदलाव ज़रूरी है।
References:
https://medlineplus.gov/highbloodpressure.html
https://www.nhlbi.nih.gov/health/high-blood-pressure/treatment
https://dailymed.nlm.nih.gov/dailymed/drugInfo.cfm?setid=ca60a4d5-ace7-4889-94ee-e2265fd63811

