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Pregabalin Nortriptyline tablet uses in Hindi | आँखों से न दिखने वाला दर्द: प्रीगाबालिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन टैबलेट के बारे में जानना ज़रूरी है

18 June 2026

Pregabalin Nortriptyline tablet uses in Hindi | आँखों से न दिखने वाला दर्द: प्रीगाबालिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन टैबलेट के बारे में जानना ज़रूरी है

Pregabalin Nortriptyline tablet uses in Hindi | आँखों से न दिखने वाला दर्द: प्रीगाबालिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन टैबलेट के बारे में जानना ज़रूरी है

दर्द दो तरह का होता है। एक — हाथ कट जाए तो दर्द होता है। कारण पता है, घाव भरे तो दर्द जाता है। दूसरे तरह का दर्द समझाना मुश्किल है। "बिजली दौड़ने जैसा लगता है," "जलन होती है," "सुइयाँ चुभती हैं" — लोग ऐसे बताते हैं। बाहर से घाव नहीं दिखता, लेकिन दर्द है। Paracetamol, Ibuprofen कुछ काम नहीं करता। यह है नर्व पेन।

तिरुनेलवेली के 58 साल के मुरुगेसन दस साल से डायबिटीज़ के मरीज़ हैं। पिछले दो सालों से रात को पैरों में असहनीय जलन होती है। बिस्तर पर कंबल भी पैरों पर न पड़े — ऐसे उठाकर सोते हैं। नींद गई। अवसाद आया। डॉक्टर के पास गए — Diabetic Neuropathy पकड़ी गई। जो दवाइयाँ लिखी गईं उनमें थी प्रीगाबालिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन की मिली-जुली टैबलेट।

यह लेख उस दवाई को विस्तार से समझाएगा।

नर्व पेन क्या है? सामान्य दर्द से कैसे अलग है?

शरीर में दर्द होने पर प्रभावित जगह से एक संकेत मस्तिष्क तक जाता है। "यहाँ समस्या है" — मस्तिष्क समझता है, हम दर्द महसूस करते हैं। घाव भरे तो संकेत बंद, दर्द खत्म। यह सामान्य दर्द है।

नर्व पेन अलग तरह से काम करता है। यहाँ नसें खुद क्षतिग्रस्त होती हैं। क्षतिग्रस्त नसें लगातार गलत संकेत मस्तिष्क को भेजती रहती हैं। बाहर कोई घाव नहीं, लेकिन मस्तिष्क "दर्द है" मानता रहता है। इसीलिए यह दर्द समझना भी मुश्किल है और इलाज भी।

साधारण Paracetamol, Diclofenac सूजन कम करते हैं। लेकिन नर्व पेन में सूजन समस्या नहीं — नस की विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया गड़बड़ है। उसे ठीक करने के लिए अलग तरह की दवाई चाहिए — वही है प्रीगाबालिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन।

ये दोनों दवाइयाँ क्या करती हैं?

प्रीगाबालिन — नस का अलार्म बंद करने वाली दवाई

प्रीगाबालिन Anti-convulsant वर्ग की दवाई है। मिर्गी के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन नर्व पेन में भी बहुत कारगर साबित हुई है।

नर्व कोशिकाओं में Calcium Channels नाम के छोटे-छोटे दरवाज़े होते हैं। दर्द का संकेत जाने पर ये दरवाज़े खुलते हैं, कैल्शियम अंदर जाता है, रसायन बनते हैं, दर्द का संकेत बनता है। प्रीगाबालिन इन दरवाज़ों को बंद रखती है। दरवाज़ा न खुले तो कैल्शियम न जाए, रसायन न बनें, दर्द का संकेत कम हो।

सरल भाषा में — अलार्म लगातार बज रहा है, प्रीगाबालिन उस अलार्म को बंद करती है।

नॉर्ट्रिप्टिलाइन — मस्तिष्क का दर्द-द्वार बंद करने वाली दवाई

नॉर्ट्रिप्टिलाइन Tricyclic Antidepressant है। यहाँ यह अवसाद के लिए नहीं बल्कि दर्द के इलाज में कम मात्रा में दी जाती है।

मस्तिष्क में Serotonin और Norepinephrine नाम के दो रसायन होते हैं जो दर्द को नियंत्रित करते हैं। नर्व पेन में ये दोनों कम हो जाते हैं। नॉर्ट्रिप्टिलाइन इन्हें बढ़ाकर मस्तिष्क की दर्द सहने की क्षमता वापस लाती है।

साथ ही नॉर्ट्रिप्टिलाइन हल्की नींद लाती है — जो दर्द से नींद न आने वाले मरीज़ों के लिए एक फायदेमंद साइड इफेक्ट है।

दोनों मिलें तो — प्रीगाबालिन दर्द का संकेत घटाती है, नॉर्ट्रिप्टिलाइन दर्द सहने की ताकत बढ़ाती है। दोहरा हमला नर्व पेन पर बहुत कारगर होता है।

किन्हें यह दवाई दी जाती है?

डायबिटिक न्यूरोपैथी वालों को

लंबे समय से डायबिटीज़ हो और खून में शुगर ज़्यादा रहे तो नसों के आसपास की छोटी रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं। नसों को पर्याप्त पोषण और ऑक्सीजन नहीं मिलता, वे धीरे-धीरे खराब होती हैं। यही Diabetic Peripheral Neuropathy है।

पैरों में जलन, सुइयाँ चुभना, सुन्नपन — ये इसके संकेत हैं। इलाज देर हो तो पैरों में महसूस होना बंद हो सकता है। पैर में चोट लगे और पता न चले — Diabetic Foot Ulcer बन सकता है, कभी-कभी पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। इसलिए इस दर्द को हल्के में मत लें।

साइटिका और Slip Disc वालों को

कमर से पैर तक बिजली दौड़ने जैसा दर्द? बिस्तर से उठना भी मुश्किल? यह साइटिका हो सकता है।

रीढ़ की डिस्क खिसककर नस दबाए तो यह दर्द आता है। साधारण दर्द निवारक सिर्फ मांसपेशी का दर्द कम करते हैं — नस के दबाव का दर्द नहीं। प्रीगाबालिन नर्व पेन को सीधे कम करती है।

Post-Herpetic Neuralgia वालों को

चिकनपॉक्स या Shingles के बाद भी कुछ लोगों में महीनों-सालों तक त्वचा में जलन बनी रहती है। वायरस नसों को नुकसान पहुँचाकर जाता है, वह नुकसान लगातार दर्द के रूप में प्रकट होता रहता है। इस स्थिति में भी यह कॉम्बिनेशन दिया जाता है।

Fibromyalgia वालों को

पूरे शरीर में फैला दर्द, हल्के स्पर्श पर भी दर्द, लगातार थकान — ये Fibromyalgia के लक्षण हैं। यह एक पुरानी नर्वस सिस्टम की बीमारी है। प्रीगाबालिन को FDA ने Fibromyalgia के इलाज के लिए मान्यता दी है।

सही तरीके से लेना ज़रूरी है

यह बहुत ताकतवर न्यूरोलॉजिकल दवाई है। डॉक्टर की सलाह के बिना बिल्कुल नहीं लेनी। मात्रा और अवधि डॉक्टर ही तय करें।

आमतौर पर रात को खाने के बाद, सोने से पहले लेने की सलाह दी जाती है। कारण — नॉर्ट्रिप्टिलाइन नींद लाती है। दिन में लेंगे तो सारा दिन झपकी आएगी।

पहले ही दिन असर नहीं दिखेगा। कुछ हफ्ते लगते हैं। इस दौरान "काम नहीं कर रही, बंद करता हूँ" मत सोचें। डॉक्टर के बताए समय तक जारी रखें।

सबसे ज़रूरी बात — इसे अचानक कभी बंद मत करें। धीरे-धीरे मात्रा कम करके बंद करना होता है। एक दिन में बंद किया तो Withdrawal हो सकता है — दर्द कई गुना वापस आ सकता है, बेचैनी और नींद न आना भी।

साइड इफेक्ट्स — तैयार रहें

नींद आना और चक्कर जैसा महसूस होना — सबसे आम साइड इफेक्ट। शुरुआत में ज़्यादा होगा, बाद में शरीर अभ्यस्त हो जाता है।

मुँह सूखना हो सकता है। खूब पानी पिएं, बिना चीनी की टॉफी चूसने से लार बनने में मदद मिलती है।

धुंधली दृष्टि कुछ को होती है। यह अस्थायी है। लेकिन गाड़ी चलाते वक्त बहुत सावधान रहें — इस दवाई के दौरान गाड़ी चलाना और भारी मशीन चलाना खतरनाक है।

वज़न थोड़ा बढ़ सकता है। भूख बढ़ती है — खाने पर ध्यान रखें।

कब्ज़ हो सकती है। नॉर्ट्रिप्टिलाइन आँत की गति धीमी करती है। पानी ज़्यादा पिएं, रेशेदार खाना खाएं।

एक जानलेवा चेतावनी

शराब पीकर यह दवाई मत लें। या दवाई लेकर शराब मत पिएं। दोनों मिलें तो Central Nervous System अत्यधिक दब जाता है। साँस धीमी हो सकती है, बेहोशी आ सकती है, जान पर खतरा हो सकता है। यह बहुत गंभीर चेतावनी है।

किडनी की खराबी हो तो डॉक्टर मात्रा सावधानी से तय करेंगे — प्रीगाबालिन किडनी से बाहर निकलती है।

दिल की बीमारी हो, हाल में दिल का दौरा पड़ा हो — बहुत सावधानी से लेना होगा या टालना होगा।

आँख में Glaucoma हो तो नॉर्ट्रिप्टिलाइन नहीं लेनी — आँख का दबाव और बढ़ सकता है।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं बिल्कुल न लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इसकी लत लग जाएगी?

डॉक्टर की निगरानी में सही मात्रा में लें तो लत नहीं लगती। खुद मात्रा बढ़ाना या अचानक बंद करना — यही समस्याएं बनाता है। डॉक्टर का मार्गदर्शन ज़रूरी है।

एक खुराक भूल जाएं तो?

याद आते ही ले लें। लेकिन अगली खुराक का समय नज़दीक हो तो भूली हुई छोड़ दें। दो खुराक एक साथ कभी नहीं।

कितने समय तक लेनी होगी?

बीमारी की गंभीरता और कारण के हिसाब से डॉक्टर तय करते हैं। कुछ महीनों से लेकर लंबे समय तक हो सकता है।

अंत में

नर्व पेन आँखों से न दिखने वाला दर्द है। बाहर घाव नहीं, X-Ray में कभी-कभी नहीं दिखता। लेकिन दर्द बिल्कुल असली है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी मुश्किल हो जाती है, नींद उड़ती है, अवसाद आता है।

प्रीगाबालिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन का कॉम्बिनेशन इस दर्द का एक गहन इलाज है। यह दर्द "छुपाने" वाली दवाई नहीं — नस के गलत संकेतों को ठीक करने वाली दवाई है। यह फर्क समझना ज़रूरी है।

लेकिन दुकान से खुद लेकर खाना मत शुरू करें। न्यूरोलॉजिस्ट से मिलें, सही जाँच हो, कारण पता चले — उसके बाद सही मात्रा में लें। दर्द से राहत मिलेगी, लेकिन वह सही रास्ते से ही टिकाऊ होगी।

References:

https://medlineplus.gov/ency/article/000693.htm

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK470341/

https://www.mayoclinic.org/drugs-supplements/nortriptyline-oral-route/description/drg-20071998

https://www.niaaa.nih.gov/health-professionals-communities/core-resource-on-alcohol/alcohol-medication-interactions-potentially-dangerous-mixes