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ODT tablet uses in Hindi | ओडीटी टैबलेट की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण

23 June 2026

ODT tablet uses in Hindi | ओडीटी टैबलेट की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण

ODT tablet uses in Hindi | ओडीटी टैबलेट की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण

एक दोस्त पहाड़ी रास्ते पर बस में सफर कर रहा है। अचानक तेज़ सिरदर्द होता है। बैग में गोली है। लेकिन पानी नहीं है। अगला स्टॉप अभी 45 मिनट दूर है। अब क्या करे?

दूसरी स्थिति। 78 साल के दादाजी। Stroke आ चुका है। बिस्तर पर हैं। गले की मांसपेशियों पर काबू नहीं रहा। गोली दें तो गले में फंस जाएगी। खतरनाक हो सकता है। लेकिन दवा देनी ज़रूरी है। तो कैसे दें?

तीसरी स्थिति। Chemotherapy चल रही है। उल्टियां लगातार आ रही हैं। मुंह से गोली लें तो उल्टी में निकल जाती है। दवा शरीर तक पहुंचती ही नहीं।

इन तीनों समस्याओं का एक ही हल है — ODT यानी Orally Disintegrating Tablet। जीभ पर रखते ही लार में घुल जाने वाली गोली। न पानी चाहिए, न निगलना पड़ता है, न पेट में जाकर घुलने का इंतज़ार करना होता है।

ODT गोली क्या है? सामान्य गोली से कैसे अलग है?

सामान्य गोली मुंह में डालने पर क्या होता है? पानी के साथ निगलते हैं। पेट में जाती है। पेट के एसिड में घुलती है। छोटी आंत में अवशोषित होती है। लिवर तक पहुंचती है। लिवर में थोड़ा असर कम हो जाता है। फिर खून में मिलती है और काम करती है।

इस पूरी प्रक्रिया में 20 से 45 मिनट लग जाते हैं।

ODT गोली जीभ पर रखते ही क्या होता है? 15 से 30 सेकंड में लार में घुल जाती है। घुली हुई दवा मुंह की अंदरूनी परत यानी Buccal Mucosa की बारीक रक्त वाहिकाओं से सीधे अवशोषित होती है। खून में मिल जाती है।

पेट की कोई ज़रूरत नहीं। लिवर से होकर जाने की भी ज़रूरत नहीं। 2 से 5 मिनट में काम शुरू हो जाता है।

ODT गोली में कौन सी खास तकनीक होती है?

Superdisintegrants

सामान्य गोली बनाते वक्त Binders मिलाए जाते हैं ताकि गोली टूटे नहीं। ODT में Binders कम होते हैं। बजाय इसके Superdisintegrants मिलाए जाते हैं।

Crospovidone, Croscarmellose Sodium, Sodium Starch Glycolate — ये Superdisintegrants हैं। जीभ पर रखते ही ये लार को बहुत तेज़ी से सोखते हैं। गोली तुरंत टूटकर बारीक कणों में बदल जाती है।

Lyophilization यानी Freeze-Drying तकनीक

कुछ ODT गोलियां Freeze-Drying यानी Lyophilization तरीके से बनाई जाती हैं। तरल दवा को खास सांचे में जमाकर वैक्यूम में पानी हटाया जाता है। बेहद झरझरी यानी Porous संरचना बनती है। जीभ पर रखते ही लार अंदर घुस जाती है और 3 सेकंड में घुल जाती है।

इस तरीके से बनी गोलियां बहुत नाज़ुक होती हैं। हाथ से ज़रा सा दबाएं तो टूट जाती हैं। Blister Pack से बहुत सावधानी से निकालनी पड़ती हैं।

First-Pass Metabolism से बचाव

यह ODT तकनीक का सबसे अहम फायदा है। सामान्य गोली पेट, आंत और लिवर से गुज़रते वक्त First-Pass Metabolism होता है। लिवर दवा को थोड़ा तोड़ देता है। खून में पहुंचने वाली दवा की ताकत कम हो जाती है।

ODT मुंह से ही अवशोषित हो जाए तो लिवर से होकर नहीं जाती। कम मात्रा में भी दवा ज़्यादा ताकत से काम करती है।

ODT गोली किन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा फायदेमंद है?

बच्चों के लिए

बच्चों को गोली निगलवाना बड़ी मुश्किल होती है। देते हैं तो थूक देते हैं। रोते हैं।

ODT गोलियां Strawberry, Orange, Grape जैसे स्वाद में बनती हैं। बच्चे खुशी से ले लेते हैं। दवा पूरी तरह शरीर में पहुंचती है।

Ondansetron यानी उल्टी की दवा, Paracetamol, Montelukast — ये सब बच्चों के लिए ODT रूप में मिलती हैं।

बुज़ुर्गों के लिए

बुज़ुर्गों में कई दिक्कतें होती हैं। Dry Mouth यानी Xerostomia में मुंह सूखा रहता है। लार कम बनती है। गोली निगलना मुश्किल हो जाता है।

Dysphagia यानी गले की मांसपेशियां कमज़ोर पड़ने पर गोली गले में फंस सकती है और खतरनाक हो सकता है।

ODT गोली को निगलना नहीं पड़ता। बस जीभ पर रख दो।

Stroke के मरीज़ों के लिए

Stroke के बाद Dysphagia बहुत आम है। गले की मांसपेशियां काम नहीं करतीं। तरल भी गलत रास्ते जा सकता है। गोली देना खतरनाक हो जाता है।

ODT मुंह में ही घुल जाती है इसलिए निगलने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। लार में मिली दवा अपने आप चली जाती है।

Chemotherapy के मरीज़ों के लिए

Chemotherapy में उल्टियां बहुत तीव्र होती हैं। मुंह से गोली लेने पर उल्टी में निकल जाती है। खून तक पहुंचती ही नहीं।

Ondansetron ODT मुंह से ही अवशोषित हो जाती है। उल्टी आने से पहले ही खून में मिल जाती है। उल्टी काबू में आती है।

कौन सी दवाएं ODT रूप में मिलती हैं?

Nitroglycerin ODT — जान बचाने वाली दवा

दिल का दौरा पड़ने पर Nitroglycerin जीभ के नीचे रखी जाती है। यह Sublingual ODT है। जीभ के नीचे की Sublingual नस से अवशोषित होती है।

2 मिनट में दिल तक खून का प्रवाह बढ़ता है। सीने का दर्द कम होता है। एम्बुलेंस आने तक जान बची रहती है।

वेल्लोर के 62 साल के रविकुमार को एक शाम सीने में दर्द उठा। पसीना आने लगा। अस्पताल जाने का वक्त ढूंढ रहे थे। पत्नी ने बैग से Nitroglycerin Sublingual टैबलेट निकाली और जीभ के नीचे रखी। 3 मिनट में दर्द कम हुआ। अस्पताल पहुंचे और जान बच गई।

Rizatriptan ODT — Migraine के लिए

Migraine आने पर तेज़ मिचली और उल्टी होती है। सामान्य गोली लें तो उल्टी में निकल जाती है। Rizatriptan ODT जीभ पर घुलकर मुंह से ही अवशोषित होती है। मिचली हो तो भी दवा शरीर में पहुंचती है।

Ondansetron ODT — उल्टी रोकने के लिए

Chemotherapy के मरीज़ों, ऑपरेशन के बाद और समुद्री सफर में Motion Sickness वाले लोगों के लिए Ondansetron ODT बेहद कारगर है।

Alprazolam MD — Panic Attack के लिए

अचानक Panic Attack आने पर दिल तेज़ धड़कता है, सांस अटकती है, हाथ-पैर कांपते हैं। उस वक्त निगला भी नहीं जा सकता। Alprazolam MD जीभ पर रखें तो घुल जाती है और जल्दी काम शुरू करती है।

सही तरीके से कैसे लें?

Blister Pack गीला हो तो गोली घुल जाएगी। सूखे हाथ से ही निकालें।

जीभ पर रखें। Sublingual ODT हो तो जीभ के नीचे रखें। घुलने तक इंतज़ार करें।

2 से 3 मिनट तक पानी न पिएं ताकि पूरी तरह अवशोषित हो सके। गोली को काटें नहीं, चबाएं नहीं। खुद ही घुलने दें।

ODT गोलियों की कमियां

नाज़ुक होती हैं

ODT गोलियां बहुत कोमल होती हैं। Blister Pack से निकालते वक्त दबाव लगे तो टूट जाती हैं। बेहद सावधानी से निकालनी होती हैं।

नमी से कमज़ोर

हवा में नमी हो तो गोली घुल सकती है। Blister Pack खोलते ही तुरंत इस्तेमाल करें। खोलकर बैग में रखना ठीक नहीं।

महंगी होती हैं

Lyophilization जैसी खास तकनीक से बनाने में खर्च ज़्यादा आता है। ODT गोलियां सामान्य गोलियों से 2 से 3 गुना महंगी हो सकती हैं।

सभी दवाएं ODT में नहीं मिलतीं

ज़्यादा मात्रा यानी 500mg से अधिक वाली दवाएं इस रूप में बनाना मुश्किल है। Sustained Release दवाएं भी ODT रूप में नहीं बन सकतीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घुलने के बाद पानी पी सकते हैं? पूरी तरह घुलकर अवशोषित हो जाने के बाद थोड़ा पानी पी सकते हैं। ज़रूरी नहीं है।

क्या सामान्य गोली को भी ODT की तरह मुंह में घोल सकते हैं? नहीं। सामान्य गोली मुंह में जल्दी घुलने के लिए नहीं बनी होती। कड़वा स्वाद आएगा। ठीक से अवशोषित नहीं होगी।

क्या हर बीमारी के लिए ODT मिलती है? नहीं। सिर्फ कुछ खास दवाओं के लिए ही ODT बनती है। डॉक्टर से पूछें।

अंत में एक ज़रूरी समझ

ODT तकनीक दवा विज्ञान में एक बड़ी प्रगति है। बच्चों को दवा देने की जद्दोजहद कम होती है। बुज़ुर्गों को सुरक्षित तरीके से दवा पहुंचती है। आपात स्थिति में पानी के बिना जान बचाई जा सकती है।

लेकिन ODT गोलियां बहुत नाज़ुकी से संभालनी होती हैं। नमी छुए तो घुल जाती हैं। दबाव लगे तो टूट जाती हैं। Blister Pack खोलते ही तुरंत इस्तेमाल करें।

अगर आपको या घर के बुज़ुर्गों को गोली निगलने में तकलीफ हो तो डॉक्टर को बताएं। वो देखेंगे कि उस दवा का ODT रूप मिलता है या नहीं। दवाई हमारी सुविधा के हिसाब से उपलब्ध है, बस सही तरीके से इस्तेमाल करना हमारे हाथ में है।

References:

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC7712969/

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3255350/

https://medlineplus.gov/druginfo/meds/a601086.html

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