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Nasolerene tablet uses in Hindi | नैसोलरीन की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण

23 June 2026

Nasolerene tablet uses in Hindi | नैसोलरीन की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण

Nasolerene tablet uses in Hindi | नैसोलरीन की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण

सुबह उठते ही छींकें शुरू हो जाती हैं। चार, पांच, दस छींकें। नाक से पानी बहता है। आंखें लाल हो जाती हैं। यह रोज़ होता है। चाय पिएं तो थोड़ा आराम मिलता है। ठंडी हवा लगे तो फिर शुरू।

मेडिकल से Cetirizine या Loratadine लेते हैं। आधे घंटे में छींकें रुक जाती हैं। लेकिन दफ्तर में झपकियां आती हैं। आंखें बंद होती हैं। गाड़ी चलाना डरावना लगता है।

इस दिक्कत का हल चाहिए — छींक भी रुके और नींद भी न आए। Nasolerene नाम की आयुर्वेदिक मिश्रित जड़ी-बूटी टैबलेट इसी के लिए है।

अंग्रेज़ी Antihistamine दवाओं में क्या दिक्कत है?

First Generation Antihistamines जैसे Chlorpheniramine और Diphenhydramine मस्तिष्क में BBB यानी Blood Brain Barrier पार कर जाती हैं। दिमाग में H1 Receptor ब्लॉक करती हैं। नींद आती है।

Second Generation Antihistamines जैसे Cetirizine, Loratadine और Fexofenadine BBB नहीं पार करतीं — ऐसा कहा जाता है। लेकिन Cetirizine कुछ लोगों को नींद और सुस्ती देती है। Loratadine कम देती है।

इसके अलावा Antihistamines नाक की अंदरूनी परत को सूखा देती हैं। पानी जैसा बलगम तो रुक जाता है लेकिन नाक के अंदर रूखापन आ जाता है। असहज लगता है।

Antihistamines लगातार लेने पर Tolerance बन जाती है। वही दवा काम करना बंद कर देती है। खुराक बढ़ानी पड़ती है।

Nasolerene किस तरह की दवा है?

Nasolerene एक आयुर्वेदिक मिश्रित जड़ी-बूटी टैबलेट है। इसमें सात प्रकार की जड़ी-बूटियां मिली हुई हैं। हर एक सांस की नली में अलग-अलग तरीके से काम करती है।

अंग्रेज़ी दवाओं की तरह सिर्फ एक Receptor ब्लॉक नहीं करती। कई रास्तों से मिलकर काम करती है। इसीलिए साइड इफेक्ट कम होते हैं।

सातों जड़ी-बूटियां क्या करती हैं?

कचोरा (Hedychium spicatum)

कचोरा अदरक परिवार की एक जड़ी-बूटी है। सांस की नली में होने वाली सूजन कम करती है। बलगम को पतला करती है। श्वासनली की जलन घटाती है।

हरिद्रा और सुंठी

हरिद्रा यानी हल्दी। इसमें Curcumin नाम का तत्व होता है जो एलर्जी विरोधी गुण रखता है। Mast Cell Degranulation रोकता है यानी एलर्जी के वक्त शरीर में Histamine निकलने को ही कम करता है।

सुंठी यानी सूखी अदरक। Prostaglandins के स्राव को काबू करती है। सूजन कम होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

मरिच और पिप्पली

मरिच यानी काली मिर्च। इसमें Piperine होता है जो Bioavailability बढ़ाता है। दूसरी जड़ी-बूटियों का असर बेहतर तरीके से शरीर में पहुंचने में मदद करता है। साइनस की कोठरियों में जमे बलगम को घोलता है।

पिप्पली यानी Long Pepper। नाक की बंद रुकावट खोलती है। सांस की नली में खून का प्रवाह बेहतर करती है।

तुलसी

Ocimum sanctum। प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण रखती है। वायरस और बैक्टीरिया दोनों से लड़ती है। Immunomodulator है यानी रोग प्रतिरोधक तंत्र को संतुलित करती है — न ज़्यादा, न कम, बस सही तरीके से काम करवाती है।

कुरासानी अजमोदा

Carum copticum यानी अजवाइन परिवार की जड़ी। सांस की नली की मांसपेशियों की ऐंठन दूर करती है। सीने की जकड़न कम होती है। Bronchospasm रोकती है।

किन समस्याओं में मदद करती है?

Allergic Rhinitis में

धूल, पराग, फूलों की खुशबू, पालतू जानवरों से होने वाली एलर्जी। छींकें, नाक से पानी, आंखों में खुजली।

Nasolerene Histamine निकलने को ही कम करती है। Mast Cell को स्थिर करती है। एलर्जी के प्रति शरीर की अतिरिक्त प्रतिक्रिया धीरे-धीरे कम होती है।

Chronic Sinusitis में

पुराना साइनस बहुत तकलीफदेह होता है। माथे में दबाव, सिर भारी लगना, नाक बंद रहना। सुबह उठते वक्त ज़्यादा बुरा लगता है।

साइनस की कोठरियों में बलगम जमा रहता है। Mucolytic गुण वाली जड़ी-बूटियां उस बलगम को पतला करती हैं। बाहर निकलता है। दबाव कम होता है।

तिरुपुर के 35 साल के रविशंकर पांच साल से साइनस की तकलीफ झेल रहे थे। रोज़ सुबह सिरदर्द। दफ्तर में ध्यान नहीं लग पाता। अंग्रेज़ी दवा लें तो नींद आती। आयुर्वेदिक डॉक्टर ने Nasolerene दिया। छह हफ्तों में सुबह का सिरदर्द काफी कम हुआ। बिना नींद के दफ्तर जा सके।

Vasomotor Rhinitis में

यह एलर्जी नहीं होती। ठंडी हवा, तेज़ खुशबू, धुआं — ये नाक की रक्त वाहिकाओं को चौड़ा कर देती हैं। पानी बहता है। छींकें आती हैं।

Antihistamines यहां ज़्यादा काम नहीं करतीं। क्योंकि Histamine इसमें शामिल नहीं। Nasolerene नाक की परत को ठीक करती है। अत्यधिक Vasodilation कम होती है।

अंग्रेज़ी दवाओं की तुलना में क्या खास है?

नींद नहीं आती

इसमें CNS यानी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाला कोई रासायनिक तत्व नहीं है। Antihistamines की तरह दिमाग के H1 Receptor को ब्लॉक नहीं करती। दूसरे रास्ते से एलर्जी कम करती है। नींद नहीं आती।

गाड़ी चलाने वालों, मशीन पर काम करने वालों और छात्रों के लिए यह बहुत ज़रूरी गुण है।

नाक नहीं सूखती

Antihistamines में Anticholinergic गुण होता है। लार, आंसू और नाक की नमी कम हो जाती है। रूखापन आता है।

Nasolerene नाक की प्राकृतिक नमी बनाए रखती है। बलगम पतला करती है लेकिन रूखापन नहीं देती।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है

Antihistamine अस्थायी रूप से Histamine रोकती है। जड़ ठीक नहीं होती। दवा बंद करें तो एलर्जी वापस आती है।

Nasolerene की जड़ी-बूटियां रोग प्रतिरोधक तंत्र को संतुलित करती हैं। एलर्जी पर शरीर की अतिप्रतिक्रिया धीरे-धीरे कम होती है।

सही तरीके से कैसे लें?

तीव्र एलर्जी में दिन में तीन बार — सुबह, दोपहर और रात के खाने के बाद। तीन से चार दिन।

पुराने Sinusitis और लगातार एलर्जी के लिए छह हफ्तों तक लगातार लें।

गुनगुने पानी के साथ लेना सबसे अच्छा है। जड़ी-बूटियों का असर जल्दी अवशोषित होता है।

क्या सावधानी रखें?

खाली पेट लेने पर सुंठी और मिर्च की तासीर से सीने में जलन हो सकती है। खाने के बाद लें।

अंग्रेज़ी दवाओं के साथ लेनी हो तो 30 से 45 मिनट का अंतर रखें।

ठंडा पानी और बर्फ कम करें। Kapha बढ़ता है। बलगम ज़्यादा हो सकता है।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही लें।

दवा के साथ यह भी करें तो जल्दी फायदा होगा

भाप लेना साइनस के लिए बहुत अच्छा है। गर्म पानी में Eucalyptus Oil की दो बूंदें डालकर भाप लें। साइनस की कोठरियों का बलगम पिघलेगा।

Pranayama — Anulom Vilom नाक से सांस का व्यायाम सांस की नली को मज़बूत करता है। Nadi Shodhana तंत्रिका तंत्र को संतुलित करती है।

Jal Neti — नमक मिले गुनगुने पानी से नाक साफ करना साइनस के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अंग्रेज़ी दवा के साथ ले सकते हैं? ले सकते हैं। दोनों अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं। अंतर रखें और डॉक्टर को बताएं।

क्या पूरी ज़िंदगी लेनी होगी? नहीं। एलर्जी कम हो जाए और रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक हो जाए तो धीरे-धीरे कम करके बंद कर सकते हैं।

क्या बच्चों को दे सकते हैं? आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से दे सकते हैं। उम्र के हिसाब से मात्रा अलग होगी।

अंत में एक व्यावहारिक बात

छींक और साइनस की समस्या तुरंत ठीक करनी हो तो अंग्रेज़ी दवा जल्दी काम करती है। लेकिन रोज़ नहीं ले सकते, नींद आती है।

लंबे समय का हल चाहिए तो Nasolerene जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी टैबलेट बेहतर है। जड़ से एलर्जी कम करती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। नींद नहीं आती।

आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपनी स्थिति बताएं। सही मात्रा में, सही समय तक लें। दवा के साथ भाप और Pranayama जोड़ें तो और जल्दी फायदा मिलेगा।

References

https://www.nccih.nih.gov/health/turmeric

https://www.nccih.nih.gov/health/ayurvedic-medicine-in-depth

https://medlineplus.gov/ency/article/000813.htm

https://www.nccih.nih.gov/health/ginger