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Multivitamin tablet uses in Hindi | क्या आपके शरीर को सच में मल्टीविटामिन टैबलेट की ज़रूरत है?

18 June 2026

Multivitamin tablet uses in Hindi | क्या आपके शरीर को सच में मल्टीविटामिन टैबलेट की ज़रूरत है?

Multivitamin tablet uses in Hindi | क्या आपके शरीर को सच में मल्टीविटामिन टैबलेट की ज़रूरत है?

कोविड के बाद हम में से बहुतों की एक आदत बन गई — सुबह उठते ही एक गोली मुँह में डालो और पानी पी लो। कोई विटामिन C लेता है, कोई ज़िंक, कोई सबकुछ मिला हुआ मल्टीविटामिन। लेकिन क्या ये गोलियाँ सच में फायदा करती हैं — यह हम सोचते नहीं।

चेन्नई की एक IT कंपनी में काम करने वाले 34 साल के रविशंकर दो साल से रोज़ मल्टीविटामिन खाते हैं। "शरीर में क्या बदला यह सही से नहीं बता सकता" — यही उनका जवाब है। यही हम में से बहुतों की हालत है। यह लेख उस उलझन को सुलझाने की कोशिश है।

आज का खान-पान और शरीर की असली ज़रूरत

तीस साल पहले हमारे दादा-दादी क्या खाते थे? चावल, साग, दाल, दही, मोटे अनाज। रोज़मर्रा के खाने में ही शरीर के ज़रूरी पोषक तत्व मिल जाते थे। आज हमारी थाली में क्या है? प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड, मैदे की चीज़ें।

यह बदलाव सिर्फ स्वाद का नहीं है। शरीर में एक छिपी हुई भूख — Hidden Hunger — पैदा होती है। पेट भरा रहता है, लेकिन कोशिकाओं तक ज़रूरी सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं पहुँचते। यही पुरानी थकान, सिरदर्द और ध्यान न लग पाने की असली वजह है — ऐसा पोषण विशेषज्ञ बताते हैं।

पकाने का तरीका भी एक भूमिका निभाता है। सब्ज़ियाँ ज़्यादा देर उबालें तो विटामिन B और C नष्ट हो जाते हैं। पालक खाएं तो भी उसके पोषक तत्वों का एक हिस्सा ही शरीर तक पहुँचता है। इस कमी को पूरा करने में मल्टीविटामिन काम आते हैं।

मल्टीविटामिन है क्या — इसका विज्ञान

मल्टीविटामिन एक ऐसी गोली है जिसमें कई तरह के विटामिन और खनिज एक साथ होते हैं। जो पोषक तत्व शरीर खुद नहीं बना सकता उन्हें बाहर से देना ही इसका मकसद है।

इसमें दो किस्म के विटामिन होते हैं। पहले वे जो पानी में घुलते हैं — विटामिन C और पूरा B कॉम्प्लेक्स। ये रोज़ पेशाब के ज़रिए बाहर निकल जाते हैं इसलिए रोज़ लेने होते हैं। दूसरे वे जो वसा में घुलते हैं — विटामिन A, D, E, K। ये शरीर में जमा होते हैं इसलिए इनकी मात्रा पर ध्यान ज़रूरी है।

इनके साथ जिंक, मैग्नीशियम, आयरन, सेलेनियम जैसे खनिज भी होते हैं। एक अच्छे मल्टीविटामिन में ये सही अनुपात में होते हैं।

शरीर को क्या-क्या फायदे होते हैं?

ऊर्जा और चुस्ती

सुबह उठने का मन न हो, दोपहर में ऑफिस में आँखें मुँदने लगें — यह परिचित लगता है। इसकी एक बड़ी वजह विटामिन B12 और B6 की कमी है। ये विटामिन खाने को ATP यानी शरीर की ऊर्जा में बदलते हैं। इनकी कमी हो तो पेट भरा हो तब भी शरीर थका रहता है।

शाकाहारी लोगों में B12 की कमी बहुत आम है क्योंकि यह मुख्यतः माँस, अंडे और दूध में होता है। मल्टीविटामिन इस खाली जगह को भरता है।

दिमाग की क्षमता

कुछ याद न रह पाए, किसी काम में मन न लगे — यह सिर्फ मानसिक थकान नहीं है। दिमाग को ठीक से चलाने के लिए मैग्नीशियम और जिंक ज़रूरी हैं। तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संपर्क के लिए ये अनिवार्य हैं।

एक शोध में पाया गया कि विटामिन D की कमी वालों में मूड में बदलाव और तनाव ज़्यादा था। एसी दफ्तरों में धूप न मिलने से विटामिन D कम बनती है। मल्टीविटामिन यह कमी पूरी करता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

विटामिन C, E और सेलेनियम शरीर में एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करते हैं। बाहरी कीटाणु और प्रदूषण जब कोशिकाओं पर हमला करते हैं तो ये ढाल बनकर बचाते हैं। बार-बार सर्दी-खाँसी हो तो रोग प्रतिरोधक तंत्र की जाँच कर लें।

टैबलेट खरीदते वक्त क्या देखें?

RDA यानी Recommended Dietary Allowance — एक दिन में एक इंसान को कितना पोषक तत्व चाहिए, यह इससे पता चलता है। गोली में मौजूद पोषक तत्व 100% RDA के अंदर हों — यह जाँचें। इससे ज़्यादा वाली गोली बिना ज़रूरत न लें।

कृत्रिम रंग और प्रिज़र्वेटिव से मुक्त ब्रांड चुनें। "Whole Food Based" लिखा हो तो यह आसानी से अवशोषित होती है। प्राकृतिक स्रोत से बने विटामिन कृत्रिम स्रोत वालों से बेहतर होते हैं।

महिला-पुरुष और उम्र के हिसाब से ज़रूरतें अलग हैं

महिलाओं के लिए

युवा महिलाओं को मासिक धर्म में खून जाने से आयरन की कमी होती है। फोलिक एसिड गर्भस्थ शिशु के नर्वस सिस्टम के विकास के लिए ज़रूरी है। तीस के बाद हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं — कैल्शियम और विटामिन D ज़रूरी हो जाते हैं।

पुरुषों के लिए

मांसपेशियों और हार्मोन संतुलन के लिए जिंक मुख्य है। दिल की सेहत के लिए मैग्नीशियम और लाइकोपीन अहम हैं। चालीस के बाद सेलेनियम प्रोस्टेट की सेहत में मदद करता है।

दवाई लेने का सही तरीका

खाली पेट लेने पर जी मिचला सकता है। सुबह या दोपहर के खाने के बाद लेना बेहतर है।

वसा में घुलने वाले विटामिन A, D, E, K अवशोषित होने के लिए थोड़ी स्वस्थ चर्बी ज़रूरी है। घी के साथ चावल या कुछ मेवे खाकर गोली लेना सही तरीका है।

चाय या कॉफी के साथ मत लें। कैफीन और टैनिन आयरन को शरीर में जाने से रोकते हैं। गोली लेने के कम से कम तीस मिनट बाद चाय पिएं।

पेशाब पीली हो जाए तो डरें नहीं — B विटामिन अधिक अवशोषित होने के बाद बाकी बाहर निकल रहा है। यह पूरी तरह सामान्य है।

साइड इफेक्ट्स और सावधानियाँ

आमतौर पर मल्टीविटामिन सुरक्षित होते हैं। शुरुआती दिनों में हल्की मतली या कब्ज़ हो सकती है — कुछ दिनों में ठीक हो जाता है।

ज़्यादा लेना नुकसानदेह है। खासकर विटामिन A और D अधिक मात्रा में लिवर को नुकसान पहुँचा सकते हैं — इसे Hypervitaminosis कहते हैं। डॉक्टर की बताई मात्रा ही लें।

किडनी की बीमारी हो तो बहुत सावधान रहें — अतिरिक्त खनिजों को छानने का बोझ किडनी पर पड़ता है। ऑपरेशन होने वाला हो तो डॉक्टर को बताएं क्योंकि कुछ विटामिन खून जमने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ज़िंदगी भर रोज़ ले सकते हैं?

नहीं। दो से तीन महीने लें, फिर एक महीने का ब्रेक। या साल में एक बार खून की जाँच कराएं — कौन-सी कमी है यह पता हो तो डॉक्टर की सलाह से सही मल्टीविटामिन चुनना आसान होगा।

वज़न बढ़ेगा?

मल्टीविटामिन में कैलोरी नहीं होती इसलिए सीधे नहीं बढ़ता। लेकिन मेटाबॉलिज़्म ठीक होने से भूख थोड़ी बढ़ सकती है। खाने की मात्रा पर ध्यान रखें।

क्या खाने की जगह यह ले सकते हैं?

यह सवाल ही गलत है। मल्टीविटामिन एक Supplement यानी पूरक है — खाने का विकल्प नहीं। खाने में जो फाइबर, अच्छी चर्बी और प्रोटीन होता है वह कोई गोली नहीं दे सकती। खाना भी खाएं, गोली भी लें।

अंत में

मल्टीविटामिन कोई जादुई गोली नहीं है। इसे खाने से कल सुबह आप अलग इंसान नहीं बनेंगे। लेकिन नियमित नींद, रोज़ की सैर और सब्ज़ी भरे खाने के साथ जोड़ें तो महीनों बाद फर्क ज़रूर दिखेगा।

सबसे ज़रूरी बात — कौन-सी गोली लें यह न पता हो तो एक बार खून की जाँच कराएं। शरीर में कौन-सी कमी है यह पता हो तो सही मल्टीविटामिन चुनना आसान हो जाता है। अंदाज़े पर सेहत मत छोड़िए।

References:

https://ods.od.nih.gov/factsheets/MVMS-HealthProfessional/

https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminD-Consumer/

https://ods.od.nih.gov/factsheets/Iron-HealthProfessional/

https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminA-HealthProfessional/