Gabapentin and Nortriptyline tablet uses in Hindi | गैबापेंटिन और नॉर्ट्रिप्टिलाइन की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण
रात को लेटते ही पैरों में एक अजीब सी तकलीफ शुरू होती है। जलन होती है। जैसे कोई चाकू से काट रहा हो। कभी-कभी अचानक बिजली का झटका लगने जैसा एहसास होता है। नींद बिल्कुल नहीं आती।
यह महज "दर्द" नहीं है। यह Neuropathic Pain है यानी नसों का दर्द। इसमें साधारण Paracetamol या Ibuprofen काम नहीं करते। क्योंकि यह दर्द मांसपेशियों से नहीं आता। नर्व सेल्स खराब हो जाती हैं और गलत संकेत भेजने लगती हैं।
यह लेख Gabapentin और Nortriptyline दोनों दवाओं के बारे में विस्तार से बताएगा कि ये मिलकर नसों के दर्द पर कैसे वार करती हैं।
नसों का दर्द क्या है? यह सामान्य दर्द से कैसे अलग है?
सामान्य दर्द समझना आसान है। पैर कट जाए तो दर्द होगा। घाव भर जाए तो दर्द खत्म होगा।
नसों का दर्द अलग तरीके से काम करता है। यहां नस खुद ही खराब हो जाती है। नर्व सेल्स गलत बिजली के संकेत भेजती रहती हैं। दिमाग को बार-बार यही बताती हैं कि "दर्द हो रहा है।" बाहर से कोई चोट नहीं होती, फिर भी दर्द बेहद तेज़ होता है।
Allodynia नाम की एक स्थिति होती है जिसमें हल्का कपड़ा छूने पर भी असहनीय दर्द होता है। रजाई ओढ़कर सोना भी मुश्किल हो जाता है। Hyperalgesia में सामान्य स्तर का दर्द भी कई गुना तीव्र लगने लगता है।
इन स्थितियों में साधारण दर्दनिवारक काम नहीं आते। नस के बिजली के संकेतों को ही बदलना पड़ता है।
दोनों दवाएं कैसे काम करती हैं?
Gabapentin — Calcium Channel के ज़रिए दर्द रोकती है
Gabapentin की संरचना GABA से मिलती-जुलती है जो दिमाग को शांत करने वाला न्यूरोट्रांसमीटर है। लेकिन Gabapentin GABA Receptors पर काम नहीं करती। यह Alpha-2-delta नाम के Calcium Channel पर काम करती है।
नर्व सेल्स में Calcium Channels होते हैं। जब दर्द का संकेत भेजा जाता है तो Calcium कोशिका में घुसता है। Gabapentin इस Channel को बंद कर देती है। Calcium नहीं घुस पाता और दर्द का संकेत कम हो जाता है।
आसान भाषा में कहें तो — नसें दिमाग को "आउच" चिल्लाने की जो रफ्तार है, Gabapentin उसे धीमा कर देती है।
Nortriptyline — दिमाग की दर्द सहने की ताकत बढ़ाती है
Nortriptyline Tricyclic Antidepressant वर्ग की दवा है। यह मूल रूप से अवसाद के लिए दी जाती है। लेकिन बहुत कम खुराक में नसों के दर्द के लिए भी इस्तेमाल होती है।
यह Serotonin और Norepinephrine नाम के दो न्यूरोट्रांसमीटर बढ़ाती है। ये दिमाग में "Descending Inhibitory Pathway" यानी दर्द रोकने वाला रास्ता सक्रिय करते हैं। दिमाग से "दर्द कम करो" का संकेत आता है और दर्द का अहसास घटने लगता है।
इसके अलावा Nortriptyline हल्की नींद भी लाती है। जिन लोगों की नसों के दर्द की वजह से नींद बर्बाद हो गई हो, उनके लिए रात में यह बेहद फायदेमंद है।
मिलकर दोहरा वार
Gabapentin नसों की अत्यधिक बिजली गतिविधि रोकती है। Nortriptyline दिमाग की दर्द सहने की क्षमता बढ़ाती है। दोनों साथ मिलकर दो मोर्चों पर एक साथ हमला करती हैं। अकेले-अकेले देने के मुकाबले साथ देने पर कम खुराक में ही बेहतर नतीजे मिलते हैं।
यह कॉम्बिनेशन किन लोगों को दिया जाता है?
Diabetic Peripheral Neuropathy में
कोयंबटूर के 55 साल के राजाराम को अठारह साल से शुगर था। पिछले तीन साल से पैरों के तलवों में जलन होती थी। रात को रजाई भी नहीं ओढ़ पाते थे। Methylcobalamin से थोड़ी राहत मिली लेकिन जलन नहीं गई। Gabapentin और Nortriptyline मिलाकर दी गई। दो हफ्तों में जलन काफी कम हुई और नींद ठीक होने लगी।
शुगर की बीमारी में नसों की खराबी बहुत आम है और इस कॉम्बिनेशन से बहुत फर्क पड़ता है।
Post-Herpetic Neuralgia में
Herpes Zoster यानी दाद के दाने निकलते हैं। दाने ठीक होने के बाद भी नसों में दर्द महीनों तक बना रहता है, जिसे Post-Herpetic Neuralgia कहते हैं। वायरस नस को नुकसान पहुंचाता है और वह नस गलत संकेत भेजती रहती है। Gabapentin उन संकेतों को कम करती है।
Sciatica और Cervical Spondylosis में
रीढ़ की हड्डी की डिस्क खिसकने से Sciatic नस दबती है और पीठ के नीचे से पैर तक खिंचाव वाला दर्द होता है। गर्दन में नस दबने पर हाथों में झनझनाहट होती है। इन स्थितियों में Muscle Relaxant काफी नहीं होता क्योंकि नस खुद गलत संकेत भेज रही होती है। इसीलिए Gabapentin की ज़रूरत पड़ती है।
Fibromyalgia में
पूरे शरीर में दर्द होने वाली बीमारी Fibromyalgia में कारण साफ नहीं होता। नर्वस सिस्टम दर्द को बहुत संवेदनशीलता से महसूस करने लगता है। Gabapentin इस अतिरिक्त संवेदनशीलता को कम करती है।
Migraine रोकने में
Nortriptyline Migraine को आने से रोकने वाली यानी Prophylactic दवा के रूप में काम करती है। दिमाग की रक्त वाहिकाओं के आसपास की नसों को शांत करती है।
नसों के दर्द और नींद में इन दवाओं की भूमिका
नसों का दर्द झेलने वालों के लिए रात बेहद कठिन होती है। लेटते ही जलन बढ़ जाती है। नींद न आने से दर्द और तेज़ होता है और दर्द तेज़ होने से नींद नहीं आती। यह एक दुष्चक्र बन जाता है।
Nortriptyline इस चक्र को तोड़ती है। हल्की नींद लाती है। नसों का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है। नींद ठीक होती है और नींद ठीक होने पर दर्द का एहसास भी घटता है।
इसीलिए यह गोली रात को सोने से पहले लेने की सलाह दी जाती है। सुबह लेने पर दिन में नींद और सुस्ती रह सकती है।
सही तरीके से कैसे लें?
रात को सोने से पहले लेना सबसे अच्छा रहता है। आमतौर पर कम खुराक से शुरू करके धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है ताकि साइड इफेक्ट कम हों।
डॉक्टर की बताई खुराक ही लें। "दर्द कम नहीं हुआ" सोचकर खुद खुराक न बढ़ाएं। असर दिखने में एक से दो हफ्ते लग सकते हैं, इसलिए जल्दबाज़ी न करें।
एकदम से बंद कभी न करें। Withdrawal Symptoms आ सकते हैं जैसे सिरदर्द, बेचैनी और घबराहट। डॉक्टर की देखरेख में धीरे-धीरे खुराक कम करके ही बंद करनी होती है।
साइड इफेक्ट — क्या उम्मीद रखें?
नींद और सुस्ती सबसे आम साइड इफेक्ट है। Gabapentin और Nortriptyline दोनों ही थोड़ी नींद लाती हैं। रात में लेने पर यह फायदेमंद भी हो जाता है।
मुंह सूखना भी हो सकता है क्योंकि Nortriptyline में Anticholinergic गुण है जिससे लार कम बनती है। खूब पानी पिएं और Sugar-free च्युइंगम मदद करती है। वजन थोड़ा बढ़ सकता है और भूख ज़्यादा लग सकती है, इसलिए खाने पर ध्यान दें।
चक्कर आ सकते हैं, खासकर अचानक उठने पर। शुरुआत में धीरे-धीरे उठें। आंखों में धुंधलापन भी हो सकता है, ऐसे में गाड़ी न चलाएं।
बेहद ज़रूरी सावधानियां
शराब बिल्कुल न पिएं। Gabapentin, Nortriptyline और शराब — तीनों मिलकर CNS को इतना सुस्त कर देती हैं कि सांस खतरनाक स्तर तक कम हो सकती है। यह जानलेवा हो सकता है।
दिल की Arrhythmia यानी अनियमित धड़कन या Heart Block वाले सावधान रहें। Nortriptyline QT Interval थोड़ा बढ़ा सकती है जिससे दिल की बिजली प्रणाली प्रभावित हो सकती है। Glaucoma वाले भी सावधान रहें क्योंकि Nortriptyline के Anticholinergic गुण से आंख का दबाव बढ़ सकता है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इन्हें बिल्कुल न लें। बच्चे के नर्वस सिस्टम के विकास पर असर पड़ सकता है।
यह Schedule H दवा है — खुद से न लें
Gabapentin भारत में Schedule H1 में आती है और Nortriptyline Schedule H में। दोनों बिना डॉक्टर की पर्ची के न खरीदी जा सकती हैं न बेची जा सकती हैं।
"दोस्त ने खाई और दर्द कम हुआ, मैं भी खा लूंगा" — यह गलती न करें। हर इंसान के नसों के दर्द की वजह अलग होती है। खुराक भी अलग होती है। सही खुराक सिर्फ डॉक्टर की जांच से ही पता चल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इनकी लत लग जाती है? यह नशे की दवा नहीं है। Opioids जैसा नशा नहीं देती। लेकिन नसें इसकी आदी हो जाती हैं। एकदम बंद करने पर Withdrawal आता है। धीरे-धीरे कम करके बंद करें तो कोई दिक्कत नहीं।
दर्द कम नहीं हुआ तो? कम से कम दो हफ्ते इंतज़ार करें। फिर भी फर्क न पड़े तो डॉक्टर को बताएं। वो खुराक ठीक करेंगे या कोई और दवा आज़माएंगे।
गर्भवती महिलाएं ले सकती हैं? नहीं। सिर्फ तभी जब प्रसूति विशेषज्ञ बहुत ज़रूरी समझें और बहुत सावधानी के साथ।
अंत में एक ज़रूरी बात
नसों का दर्द कोई स्थायी जेल नहीं है। सही इलाज से यह काबू में आता है। Gabapentin और Nortriptyline का कॉम्बिनेशन उस इलाज का एक अहम हिस्सा है।
लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी में ही लें। सही खुराक में, सही समय तक, एकदम से बंद किए बिना और शराब से पूरी तरह दूर रहकर। इन नियमों का पालन किया जाए तो नसों के दर्द से राहत मिलेगी, नींद सुधरेगी और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।
References
https://medlineplus.gov/druginfo/meds/a694007.html
https://medlineplus.gov/diabeticnerveproblems.html
https://www.mayoclinic.org/drugs-supplements/nortriptyline-oral-route/description/drg-20071998

