Ferrous Ascorbate Folic Acid tablet uses in Hindi | हमेशा थकान रहती है? फेरस एस्कॉर्बेट फोलिक एसिड टैबलेट की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण
"खाना खाकर थोड़ा लेट जाती हूँ" — यह कहते-कहते रोज़ लेट जाना। सुबह उठने पर भी थकान महसूस होना। सीढ़ियाँ चढ़ें तो साँस फूलने लगे। यह सब साधारण थकान समझकर टाल देते हैं। लेकिन खून की जाँच कराएं तो हीमोग्लोबिन कम निकलता है, और डॉक्टर कहते हैं — खून की कमी है।
यह स्थिति आजकल बहुत आम हो गई है। खासकर महिलाओं और गर्भवती स्त्रियों में यह ज़्यादा देखी जाती है। आयरन की कमी से होने वाली खून की कमी के लिए डॉक्टर जो दवाई लिखते हैं उनमें फेरस एस्कॉर्बेट और फोलिक एसिड का कॉम्बिनेशन बहुत अहम है। इसे सही से समझें तो सही से इस्तेमाल कर सकते हैं।
खून की कमी क्या है और क्यों होती है?
खून में हीमोग्लोबिन नाम का एक प्रोटीन होता है। यह फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाता है। इस हीमोग्लोबिन को बनाने के लिए आयरन यानी लोहे की ज़रूरत होती है। आयरन कम हो तो हीमोग्लोबिन कम होगा, ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुँचेगी और शरीर थकने लगेगा।
खाने में आयरन कम होना, मासिक धर्म में ज़्यादा खून जाना, गर्भावस्था में ज़रूरत बढ़ जाना — ये सब खून की कमी की वजह बन सकते हैं। हमारे यहाँ बहुत लोग खाना ठीक खाते हुए भी आयरन की कमी से जूझते हैं, क्योंकि शरीर खाने से आयरन को पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पाता। इसी समस्या को हल करने के लिए फेरस एस्कॉर्बेट बनाया गया है।
इस दवाई में क्या होता है?
फेरस एस्कॉर्बेट आयरन और विटामिन C का मेल है। अकेला आयरन दिया जाए तो शरीर उसे पूरी तरह अवशोषित नहीं करता। विटामिन C साथ हो तो आँत में आयरन अवशोषित होने की क्षमता काफी बढ़ जाती है। इसीलिए साधारण आयरन टैबलेट से यह दवाई ज़्यादा असरदार होती है।
फोलिक एसिड यानी विटामिन B9 है। इसकी ज़रूरत नई लाल रक्त कोशिकाएं बनाने और DNA के सही विकास के लिए होती है। सिर्फ आयरन काफी नहीं — रक्त कोशिकाएं ठीक से बनें इसके लिए फोलिक एसिड भी चाहिए। दोनों मिलें तो खून बनना तेज़ और सही तरीके से होता है।
किन्हें यह दवाई चाहिए?
आयरन की कमी से होने वाली खून की कमी में यह पहली पसंद की दवाई है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद ज़रूरी है। पेट में पल रहे बच्चे के विकास के लिए आयरन और फोलिक एसिड दोनों चाहिए। फोलिक एसिड कम हो तो बच्चे के नर्वस सिस्टम का विकास प्रभावित हो सकता है।
ऑपरेशन के बाद, ज़्यादा खून बह जाने के बाद खोया हुआ खून वापस बनाने के लिए भी यह दवाई दी जाती है। किशोरावस्था की लड़कियों में भी आयरन की कमी ज़्यादा होती है, इसलिए डॉक्टर इसे लिखते हैं।
दवाई कैसे लेनी चाहिए?
यहाँ एक ज़रूरी बात है। इस दवाई को खाली पेट, खाने से एक घंटे पहले लेना सबसे अच्छा रहता है। खाली पेट आयरन तेज़ी से अवशोषित होता है। लेकिन जिन्हें पेट में जलन हो वे खाने के बाद ले सकते हैं।
चाय, कॉफी, दूध के साथ यह टैबलेट न लें। ये सब आयरन के अवशोषण को रोकते हैं। टैबलेट लेने के कम से कम एक घंटे बाद कॉफी पिएं। संतरे का रस या नींबू पानी के साथ लेना और भी अच्छा रहता है क्योंकि साइट्रिक एसिड आयरन अवशोषण में मदद करता है।
एंटासिड लेने वाले उसे लेने के दो घंटे बाद यह आयरन टैबलेट लें।
इस दवाई के फायदे
पुराने ज़माने की आयरन टैबलेट जैसे Ferrous Sulphate से पेट खराब होने की शिकायत ज़्यादा होती थी। फेरस एस्कॉर्बेट पेट में कम जलन करती है — ऐसा माना जाता है। इससे इसे लगातार लेना आसान हो जाता है और दवाई का पूरा फायदा मिलता है।
विटामिन C मिला होने से अवशोषण बेहतर होता है। दो-तीन महीनों में हीमोग्लोबिन का स्तर ठीक होने लगता है। थकान कम होती है, साँस फूलना कम होता है, चेहरे पर रंगत लौटती है।
साइड इफेक्ट्स
बहुत लोग यह देखकर घबरा जाते हैं कि मल का रंग काला हो गया। यह आयरन दवाई का सामान्य असर है, कोई खतरा नहीं। दवाई बंद होने के बाद रंग सामान्य हो जाता है।
कब्ज़ हो सकती है। इसे कम करने के लिए खूब पानी पिएं और रेशेदार खाना खाएं। जी मिचलाए तो खाने के बाद टैबलेट लें। मुँह में धातु जैसा स्वाद आ सकता है — कुछ दिनों में आदत हो जाती है।
किन बातों का ध्यान रखें?
आयरन ज़्यादा हो जाए तो Toxicity की स्थिति आ सकती है। इसलिए डॉक्टर की बताई मात्रा से ज़्यादा कभी न लें। हीमोग्लोबिन सामान्य हो जाए तब भी डॉक्टर के कहे अनुसार जारी रखें — शरीर में आयरन का भंडार भरने में कुछ महीने और लग सकते हैं।
बच्चों के लिए आयरन दवाई की अधिक मात्रा बहुत खतरनाक होती है। इन टैबलेट्स को बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
किन्हें यह दवाई नहीं लेनी चाहिए?
Hemochromatosis की स्थिति में शरीर में पहले से ज़्यादा आयरन होता है — ऐसे लोग यह दवाई बिल्कुल न लें। Thalassemia में आयरन अवशोषण में दिक्कत होती है — वे भी डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। गंभीर पेट के अल्सर वालों को यह दवाई और जलन दे सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मल काला आ रहा है, घबराएं?
नहीं। यह आयरन टैबलेट का स्वाभाविक असर है। दवाई बंद होने के कुछ दिनों में सब ठीक हो जाता है।
गर्भवती महिलाएं कितने महीने लें?
आमतौर पर तीसरे महीने से शुरू करके प्रसव के बाद भी कुछ महीने तक लेते हैं। डॉक्टर के निर्देशानुसार जारी रखें।
कॉफी पीने वाले क्या करें?
टैबलेट लेने के एक घंटे बाद कॉफी पिएं। दोनों एक साथ लेने पर आयरन अवशोषित नहीं होता।
अंत में
खून की कमी को बहुत लोग हल्के में लेते हैं। थकान है, सिरदर्द है — यह सोचकर छोड़ देते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक इलाज न हो तो दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है, बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता भी कम हो जाती है।
फेरस एस्कॉर्बेट फोलिक एसिड टैबलेट खून की कमी का एक अच्छा इलाज है। सही तरीके से लें, चाय-कॉफी से दूरी बनाकर लें, डॉक्टर के बताए समय तक जारी रखें — तो फायदा ज़रूर होगा। दवाई के साथ खजूर, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दालें खाने में शामिल करें — खून की कमी जल्दी दूर होगी।
References:
https://medlineplus.gov/anemia.html
https://medlineplus.gov/ency/article/000551.htm
https://www.cdc.gov/birth-defects/about/neural-tube-defects.html

