Doxylamine Pyridoxine tablet uses in Hindi | गर्भावस्था में उल्टी एक ऐसी सजा बन गई है जिससे बच नहीं सकते? डॉक्सिलामाइन और पाइरिडॉक्सिन कॉम्बिनेशन की पूरी जानकारी
पहले तीन महीने गर्भवती महिलाओं के लिए एक अलग तरह की परीक्षा का समय होता है। बच्चा आने की खुशी होती है, लेकिन हर सुबह उठते ही मितली शुरू हो जाती है। खाना खा नहीं पाते। खा भी लें तो रुकता नहीं। तेज महक सूंघते ही उल्टी हो जाती है। इसे मॉर्निंग सिकनेस (Morning Sickness) कहा जाता है।
कोयंबटूर में रहने वाली 28 साल की अंबिका को गर्भावस्था के छठे हफ्ते में एक दिन में छह-सात बार उल्टी हुई। पानी तक नहीं रुकता था। शरीर थक गया था। अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। हाइपरएमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis Gravidarum) का पता चला। डॉक्सिलामाइन और पाइरिडॉक्सिन कॉम्बिनेशन टैबलेट दी गई। तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो गई।
यह गोली क्या है, कैसे काम करती है, गर्भावस्था में सुरक्षित है या नहीं, यह देखते हैं।
मॉर्निंग सिकनेस क्यों होती है? क्या इससे बच नहीं सकते?
गर्भधारण होते ही शरीर में hCG यानी ह्यूमन कोरियोनिक गोनैडोट्रोपिन (Human Chorionic Gonadotropin) हार्मोन तेजी से बढ़ता है। यही हार्मोन प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने की वजह है। लेकिन यह दिमाग के उल्टी केंद्र को भी उत्तेजित करता है।
इसके साथ प्रोजेस्टेरोन भी बढ़ता है। यह आंत की गतिविधि को धीमा करता है। पाचन में देरी होती है। पेट भरा होने का अहसास ज्यादा होता है। मितली आती है।
ये सब सामान्य गर्भावस्था के बदलाव हैं। लेकिन कुछ महिलाओं में यह बहुत गंभीर रूप ले लेता है। हाइपरएमेसिस ग्रेविडेरम की स्थिति में दिन में कई बार उल्टी होती है। वजन कम होता है। शरीर में पानी की कमी हो जाती है। बच्चे तक जाने वाला पोषण नहीं पहुंच पाता। यह सामान्य मॉर्निंग सिकनेस नहीं, बल्कि इलाज की जरूरत वाली स्थिति है।
दोनों मॉलिक्यूल क्या करते हैं?
डॉक्सिलामाइन सक्सिनेट — दिमाग के उल्टी संकेत को रोकने वाली दवा
डॉक्सिलामाइन एंटीहिस्टामिन (Antihistamine) वर्ग की दवा है। हिस्टामिन हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाला एक रसायन है। यह एलर्जी प्रतिक्रियाओं में भूमिका निभाता है। लेकिन हिस्टामिन H1 रिसेप्टर्स (Histamine H1 Receptors) दिमाग के उल्टी केंद्र को भी उत्तेजित करते हैं।
दिमाग का केमोरिसेप्टर ट्रिगर ज़ोन (Chemoreceptor Trigger Zone) यानी CTZ नाम का हिस्सा उल्टी की भावना को नियंत्रित करता है। इस हिस्से में हिस्टामिन और एसिटाइलकोलीन (Acetylcholine) नाम के रसायन उल्टी के संकेत बनाते हैं।
डॉक्सिलामाइन इन रिसेप्टर्स से जुड़कर हिस्टामिन और एसिटाइलकोलीन के संकेतों को रोकता है। उल्टी केंद्र उत्तेजित नहीं होता। मितली आने से पहले ही रोक दी जाती है।
इसके साथ डॉक्सिलामाइन हल्की नींद का अहसास भी देता है। यह गर्भावस्था में एक फायदा है। क्योंकि रात को ठीक से नींद न आने वाली गर्भवती महिलाओं को रात में लेने पर नींद नियमित होती है। सुबह की मितली भी कम होती है।
पाइरिडॉक्सिन हाइड्रोक्लोराइड — नर्वस सिस्टम को संतुलित करने वाला विटामिन
पाइरिडॉक्सिन विटामिन B6 का एक रूप है। गर्भावस्था में B6 कम हो तो उल्टी ज्यादा होती है, यह शोध बताते हैं।
B6 सेरोटोनिन और GABA नाम के न्यूरोट्रांसमीटर्स बनाने के लिए जरूरी है। ये दिमाग में शांति देने वाले रसायन हैं। ये सही मात्रा में हों तो उल्टी केंद्र ज्यादा उत्तेजित नहीं होता।
इसके साथ B6 अमीनो एसिड मेटाबॉलिज्म के लिए भी जरूरी है। गर्भावस्था के हार्मोन बदलावों से अमीनो एसिड का पाचन बाधित होता है। B6 उस बाधा को दूर करता है।
डिले-रिलीज़ (Delayed-Release) तकनीक क्या है?
इस कॉम्बिनेशन गोली की एक खास बात है डिले-रिलीज़ तकनीक। यानी गोली पेट में तुरंत नहीं घुलती। यह धीरे-धीरे, नियमित रूप से अवशोषित होती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है, क्योंकि मॉर्निंग सिकनेस सुबह सबसे ज्यादा होती है। रात को सोने से पहले गोली लेने पर वह पूरी रात धीरे-धीरे अवशोषित होती रहती है। सुबह उठते समय शरीर में दवा की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। सुबह की मितली रुक जाती है।
इसी वजह से इस गोली को चबाना, तोड़ना, या कुचलना नहीं चाहिए। चबाने पर डिले-रिलीज़ कोटिंग खराब हो जाती है। दवा एक ही बार में निकल जाती है। लंबे समय का फायदा नहीं मिलता।
यह टैबलेट किसके लिए सुझाई जाती है?
सामान्य मॉर्निंग सिकनेस के लिए
गर्भावस्था के 6 से 12 हफ्तों में मितली और उल्टी आती है। ज्यादातर 14 हफ्तों तक ठीक हो जाती है। इस दौरान प्राकृतिक तरीकों से नियंत्रित न हो तो डॉक्सिलामाइन + पाइरिडॉक्सिन दी जाती है।
हाइपरएमेसिस ग्रेविडेरम के लिए
अगर दिन में तीन बार से ज्यादा उल्टी हो रही है, खाना अंदर नहीं रुक रहा, वजन कम हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। यह गंभीर स्थिति है। IV फ्लुइड्स और यह गोली मिलाकर इलाज की जरूरत हो सकती है।
गर्भावस्था में पैरों की ऐंठन के लिए
B6 की कमी से गर्भावस्था में रात के समय पिंडली में ऐंठन हो सकती है। इस गोली में मौजूद पाइरिडॉक्सिन नसों को ढीला करके उस ऐंठन को कम करता है।
गर्भावस्था में नींद न आने के लिए
हार्मोन बदलाव, बार-बार पेशाब आने का अहसास, शरीर की असहजता — ये गर्भावस्था में नींद को खराब करते हैं। डॉक्सिलामाइन की हल्की नींद की भावना इस समय फायदेमंद साबित होती है।
FDA कैटेगरी A — इसका क्या मतलब है?
गर्भावस्था में दवा लेते समय हर कोई पूछता है — बच्चे को नुकसान तो नहीं होगा?
FDA दवाओं को गर्भावस्था की सुरक्षा के हिसाब से A, B, C, D, X में वर्गीकृत करता है। कैटेगरी A का मतलब है कि मानव गर्भवती महिलाओं में जांच करके यह साबित हो चुका है कि बच्चे को कोई नुकसान नहीं है। यह सबसे सुरक्षित वर्ग है।
डॉक्सिलामाइन + पाइरिडॉक्सिन के मिश्रण को FDA ने कैटेगरी A के रूप में मान्यता दी है। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, और कई यूरोपीय देशों में भी इसे गर्भावस्था में पहली पसंद की दवा के रूप में सुझाया जाता है।
कई दशकों से इस्तेमाल होने के बाद, लंबे समय के शोध में बच्चे के विकास पर कोई नुकसान नहीं दिखा है, यह पक्का हो चुका है।
सही तरीके से लेना चाहिए
रात को सोने से पहले लेना सबसे अच्छा रहता है। डिले-रिलीज़ तकनीक की वजह से सुबह सबसे ज्यादा फायदा मिलता है।
गोली को पानी के साथ पूरी निगल लें। तोड़ें नहीं, चबाएं नहीं।
डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा ही लें। खुद से मात्रा न बढ़ाएं।
उल्टी ठीक होते ही अचानक बंद न करें। डॉक्टर को बताकर धीरे-धीरे कम करके बंद करें।
ध्यान देने वाले साइड इफेक्ट्स
नींद आना सबसे सामान्य साइड इफेक्ट है। रात को लेने पर सुबह थोड़ी नींद जैसा महसूस हो सकता है। गाड़ी न चलाएं, महत्वपूर्ण फैसले न लें।
मुंह सूखना हो सकता है। बार-बार पानी पिएं।
कब्ज हो सकती है। फाइबर वाला खाना खाएं, वॉक करें।
चक्कर आ सकता है। अचानक न उठें।
किसके साथ नहीं मिलानी चाहिए?
MAO इनहिबिटर्स (MAO Inhibitors) नाम की एक तरह की मानसिक स्वास्थ्य की दवाओं के साथ डॉक्सिलामाइन मिलना बहुत खतरनाक है। दोनों मिलें तो ब्लड प्रेशर खराब हो सकता है, जान को भी खतरा हो सकता है।
दूसरी एंटीहिस्टामिन दवाओं के साथ न मिलाएं। सर्दी, एलर्जी के लिए कोई दवा ले रही हैं तो डॉक्टर को बताएं।
नींद की गोलियों के साथ बिल्कुल न मिलाएं। सांस धीमी होने का खतरा है।
ग्लूकोमा वालों, मूत्राशय में रुकावट वालों, गंभीर अस्थमा वालों को डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए।
प्राकृतिक तरीके भी आज़मा सकते हैं
गोली के साथ-साथ प्राकृतिक तरीके भी मदद करते हैं।
सुबह बिस्तर से उठने से पहले ही थोड़ा सूखा बिस्किट या टोस्ट खा लें। खाली पेट उठने पर मितली ज्यादा होती है।
अदरक बहुत अच्छी है। अदरक की चाय, अदरक का नींबू पानी — ये मितली को प्राकृतिक रूप से कम करते हैं। जिंजरॉल (Gingerol) नाम का मॉलिक्यूल उल्टी केंद्र को सीधे शांत करता है।
एक साथ ज्यादा न खाएं। हर दो-तीन घंटे में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। पेट खाली हो तो मितली ज्यादा होती है।
मसालेदार, तीखा खाना, ज्यादा महक वाला खाना — इन्हें कुछ समय के लिए कम कर दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चे को नुकसान होगा? यह FDA कैटेगरी A की मान्यता प्राप्त दवा है। कई दशकों से इस्तेमाल होकर बच्चे को कोई नुकसान नहीं होने की पुष्टि हो चुकी है। यह गर्भावस्था में सबसे सुरक्षित दवाओं में से एक है।
उल्टी रुकते ही बंद कर सकते हैं? अचानक बंद न करें। कुछ दिनों में धीरे-धीरे कम करके बंद करना अच्छा रहता है। डॉक्टर से पूछें।
खाने के साथ ले सकते हैं? रात को सोने से पहले खाली पेट या थोड़ा खाने के बाद ले सकते हैं। लेकिन गोली को तोड़ें नहीं, चबाएं नहीं।
अंत में एक स्नेहभरी बात
पुराने जमाने में लोग कहते थे कि मॉर्निंग सिकनेस "सहन करनी ही पड़ती है"। लेकिन आज इसके लिए सुरक्षित, बच्चे को नुकसान न पहुंचाने वाला इलाज मौजूद है।
डॉक्सिलामाइन + पाइरिडॉक्सिन कॉम्बिनेशन टैबलेट गर्भावस्था में मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद करती है। उल्टी रुकने पर खाना खाया जा सकता है, पोषण मिलता है, बच्चा सही तरीके से बढ़ता है।
लेकिन प्रसूति विशेषज्ञ की सलाह के बिना न लें। मात्रा और समय डॉक्टर तय करेंगे। मातृत्व की शुरुआत मुश्किल हो सकती है, लेकिन सही सहारे के साथ यह संतोषजनक बन जाएगी।
References:
https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000604.htm
https://medlineplus.gov/ency/article/001499.htm
https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminB6-HealthProfessional/

