Betahistine 8mg tablet uses in Hindi | अचानक दुनिया घूमने लगी? बेटाहिस्टिन 8mg के बारे में जानिए की पूर्ण जानकारी व पूरा विवरण
सुबह बिस्तर से उठते वक्त अचानक कमरा घूमने लगा। कमला ने दीवार पकड़ ली। कुछ सेकंड में ठीक हो गया। लेकिन उसी शाम फिर आया — इस बार उल्टी भी हुई। डॉक्टर के पास गईं। वर्टिगो बताया गया, बेटाहिस्टिन दी गई।
यह अनुभव सिर्फ कमला का नहीं है। अचानक चक्कर आना, बिस्तर से उठते वक्त संतुलन बिगड़ना, कान में घंटियाँ बजना — यह बहुत लोगों के साथ होता है। क्या हो रहा है यह समझ न आने से डर लगता है। इस समस्या की वजह और इलाज क्या है — यहाँ देखते हैं।
दुनिया घूमती क्यों दिखती है?
हमारे कान के अंदरूनी हिस्से में संतुलन तय करने वाला एक ज़रूरी तंत्र होता है — इसे Vestibular system कहते हैं। यह दिमाग को लगातार संकेत भेजता रहता है कि हम कैसे खड़े हैं और किस दिशा में जा रहे हैं।
कान के अंदर एक तरल पदार्थ होता है। जब इस तरल का दबाव बदल जाए या खून का बहाव ठीक न हो, तो दिमाग को गलत संकेत मिलते हैं। दिमाग को लगता है हम घूम रहे हैं, जबकि हम खड़े हैं। यही गड़बड़ वर्टिगो है।
बेटाहिस्टिन क्या करती है?
Histamine analogue वर्ग की यह दवाई कान के अंदरूनी हिस्से की छोटी रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करती है। खून का बहाव बेहतर होता है। कान में जमा अतिरिक्त तरल का दबाव कम होता है। दिमाग को सही संकेत मिलने लगते हैं। चक्कर कम होते हैं।
इस दवाई की खासियत यह है कि चक्कर की कुछ पुरानी दवाइयाँ बहुत नींद लाती थीं। बेटाहिस्टिन से उतनी नींद नहीं आती। रोज़मर्रा के काम करते हुए भी इसे ले सकते हैं।
किन समस्याओं में यह दी जाती है?
मेनियर्स रोग — इस खास कान की बीमारी में चक्कर, कान में आवाज़ और सुनने की क्षमता कम होना — यह तीनों एक साथ आते हैं। इसके लिए बेटाहिस्टिन पहली पसंद की दवाई है।
सामान्य वर्टिगो — बिस्तर से उठते वक्त, सिर घुमाते वक्त घूमने जैसा लगे तो यह दवाई दी जाती है।
टिनिटस — कान में लगातार घंटियाँ बजना बहुत लोगों की नींद और काम खराब करता है। इसमें भी बेटाहिस्टिन मदद करती है।
दवाई कैसे लेनी चाहिए?
आमतौर पर सुबह, दोपहर और रात — तीन बार दी जाती है। खाने के साथ लेना ज़रूरी है। खाली पेट लेने से पेट में तकलीफ हो सकती है।
एक ज़रूरी बात — चक्कर बंद हुए तो दवाई बंद मत करें। मेनियर्स या गंभीर वर्टिगो में पूरा फायदा आने में कुछ हफ्ते लगते हैं। बीच में बंद किया तो फिर आ सकता है। डॉक्टर के बताए दिनों तक पूरी लें।
इस दवाई के फायदे
पुरानी चक्कर की दवाइयाँ इतनी नींद लाती थीं कि काम नहीं हो पाता था, गाड़ी नहीं चला सकते थे। बेटाहिस्टिन से यह समस्या कम है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी ज़्यादा प्रभावित नहीं होती।
कान की घंटियाँ कम होने से जिन्हें नींद नहीं आती थी उन्हें आराम मिलता है। पूरी रात सोने से तबियत बेहतर होती है।
चक्कर कम होने से गिरने का डर जाता है, आत्मविश्वास के साथ चल-फिर सकते हैं।
किन बातों का ध्यान रखें?
अस्थमा वाले डॉक्टर को बता दें। हिस्टामिन से जुड़ी दवाई है इसलिए कभी-कभी साँस की नली पर असर हो सकता है।
पेट में अल्सर हो तो भी सावधानी चाहिए। यह दवाई पेट की दीवार को थोड़ा उत्तेजित कर सकती है। खाने के साथ लेने से यह कम होता है।
शराब से दूर रहें। शराब खुद चक्कर बढ़ाती है और दवाई का असर भी कम करती है।
दवाई के साथ और क्या करें?
Vestibular exercises नाम की कुछ खास कसरतें होती हैं। ये संतुलन बेहतर करती हैं और दिमाग को सही संकेत मानने की आदत डालती हैं।
एक आसान अभ्यास — बिस्तर पर लेटकर धीरे-धीरे एक तरफ करवट लें। चक्कर आए तो उसी अवस्था में कुछ मिनट रहें। धीरे-धीरे दिमाग उस स्थिति को स्वीकार करने लगता है। इस तरह के अभ्यास डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट सिखा सकते हैं।
योग और ध्यान तनाव कम करते हैं, जो वर्टिगो को कुछ हद तक काबू करने में मदद करता है।
साइड इफेक्ट्स
जी मिचलाना, हल्का पेट दर्द, अपच हो सकती है — खाने के बाद लेने पर कम होता है। सिरदर्द कुछ लोगों को होता है। त्वचा पर खुजली हो तो एलर्जी का संकेत है — डॉक्टर को बताएं।
किन्हें यह नहीं लेनी चाहिए?
Phaeochromocytoma यानी एड्रेनल ग्रंथि में एक खास ट्यूमर हो तो यह नहीं लेनी। यह दुर्लभ स्थिति है लेकिन बीमारी का इतिहास बताते वक्त डॉक्टर को बता दें। बच्चों को आमतौर पर नहीं दी जाती। गर्भवती महिलाएं डॉक्टर से पूछकर ही लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चक्कर बंद हुए तो दवाई बंद कर सकते हैं?
नहीं। चक्कर बंद होना यह बताता है कि दवाई काम कर रही है। बंद करने पर फिर आ सकता है। डॉक्टर के बताए समय तक जारी रखें।
रात को लेटने पर घूमता है — यह वर्टिगो है?
लेटने पर या करवट बदलने पर ही आए तो यह BPPV नाम का एक खास वर्टिगो हो सकता है। डॉक्टर को दिखाएं — वे सही किस्म पहचानेंगे।
कान की घंटियाँ पूरी तरह बंद होंगी?
खून का बहाव बेहतर होने से कुछ लोगों में कान की घंटियाँ कम होती हैं। हर किसी को एक जैसा फायदा नहीं होता।
अंत में
कमला अब ठीक हैं। छह हफ्ते बेटाहिस्टिन खाई, Vestibular व्यायाम किए। चक्कर काफी कम हुए, कान की आवाज़ भी थोड़ी कम हुई।
चक्कर आना डरावना लगता है लेकिन इसका इलाज है। सही डॉक्टर से वजह पता करें — सिकिच्छा मिल जाएगी। बेटाहिस्टिन उस इलाज में एक अहम दवाई है। दवाई के साथ आराम करना, अचानक सिर न हिलाना, तनाव कम रखना — यह सब साथ हो तो वर्टिगो ज़िंदगी को काबू नहीं करेगा।
References:
https://medlineplus.gov/ency/article/001432.htm

